कोलकाता, 31 अगस्त। उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर स्थित बैगाछी तेल कुएं से निकाला गया कच्चा खनिज तेल अब हल्दिया तेल रिफाइनरी में भेजा जाएगा। वहां इस कच्चे तेल को शोधित कर पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, रसोई गैस, विमान ईंधन और डामर जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। राज्य के अपने तेल का हल्दिया में रिफाइन होने से पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अशोकनगर का नाम अब देश के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों की सूची में जुड़ गया है। देश में मुंबई हाई को खनिज तेल उत्पादन का सबसे बड़ा क्षेत्र माना जाता है। इसके अलावा असम और गुजरात के कई क्षेत्रों से भी कच्चे तेल का उत्पादन होता है।
बैगाछी क्षेत्र में लंबे समय तक जांच और परीक्षण के बाद वर्ष 2018 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने यहां तेल की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। करीब आठ वर्षों के प्रयास के बाद बैगाछी तेल कुएं से 12 हजार लीटर कच्चा तेल निकाला गया है।
ओएनजीसी के अन्वेषण निदेशक ओमप्रकाश सिन्हा ने बताया कि करीब 100 कर्मचारियों के प्रयास से 12 हजार लीटर तेल निकालना संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि तेल की गुणवत्ता अच्छी है और इसे टैंकर के माध्यम से हल्दिया तेल रिफाइनरी भेजा जाएगा।
बैगाछी से हल्दिया की दूरी करीब 175 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से लगभग चार घंटे में कच्चा तेल हल्दिया पहुंचने की संभावना है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के हल्दिया तेल रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक एवं शोधनागार प्रमुख सुशांत कुमार दास ने कहा कि देश में निकाले गए कच्चे तेल को शोधन का अवसर मिलना अच्छी खबर है। इस संबंध में ओएनजीसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया चल रही है।
हल्दिया तेल रिफाइनरी में अभी मुख्य रूप से रूस, कोलंबिया, वेनेजुएला समेत विभिन्न देशों से आने वाले कच्चे तेल का शोधन किया जाता है। अब अशोकनगर का तेल भी इसमें शामिल होने जा रहा है। सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा तो 12 हजार लीटर कच्चा तेल इस सप्ताह हल्दिया पहुंच जाएगा।
