उज्जैन (मध्य प्रदेश), 12 अक्टूबर । भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी तिलक वर्मा और कुलदीप यादव सोमवार तड़के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचे। दोनों खिलाड़ियों ने भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए और नंदी हॉल में बैठकर आराधना की। इस दौरान हॉकी खिलाड़ी विवेक प्रसाद ने भी बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचकर आशीर्वाद लिया।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच इंदौर के होलकर स्टेडियम में रविवार काे खेले गए टी-20 मुकाबले के बाद खिलाड़ियों का उज्जैन पहुंचने का सिलसिला जारी है। सोमवार सुबह करीब चार बजे मंदिर पहुंचे तिलक वर्मा और कुलदीप यादव ने भस्म आरती में हिस्सा लिया। आरती के बाद देहरी से आशीर्वाद लेकर पुजारियों के माध्यम से जल अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना भी की। मंदिर परिसर में खिलाड़ियों की मौजूदगी से श्रद्धालुओं और प्रशंसकों में उत्साह दिखाई दिया। प्रशंसक उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी लेने के लिए जुटे। मंदिर समिति की ओर से खिलाड़ियों का स्वागत और सम्मान किया गया।
‘जब भी मौका मिलता है, दर्शन करने आते हैं’
दर्शन के बाद कुलदीप यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भगवान महाकाल के दर्शन कर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा, “जब भी मौका मिलता है, हम भगवान के दर्शन करने आते हैं। बहुत खुशी मिलती है। पूरी उम्मीद है कि हम अच्छा क्रिकेट खेलें और हर खेल में आगे बढ़ें। भगवान की कृपा और उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे।”
एक दिन पहले गौतम गंभीर ने किए थे दर्शन
इससे एक दिन पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी रविवार को महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया था। उनके साथ बैटिंग कोच सितांशु कोटक भी मौजूद थे।
भस्म आरती में विशेष शृंगार
सोमवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर के पट खुलने के बाद परंपरानुसार भगवान महाकाल का पूजन-अभिषेक किया गया। पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं की पूजा के बाद ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया। दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान का भांग, चंदन और आभूषणों से शृंगार किया गया।
आरती के दौरान ज्योतिर्लिंग पर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के जयकारे लगाए। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
