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कोलकाता, 12 अक्टूबर  ।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी सोमवार को निर्धारित समय पर शेक्सपियर सरणी थाने में पेश नहीं हुए। रविवार को पुलिस ने उनके कालीघाट स्थित आवास पर पूछताछ के लिए नोटिस दिया था और सोमवार सुबह उन्हें थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि, थाने जाने के बजाय उन्होंने ईमेल के जरिए पुलिस को उपस्थित होने में असमर्थता की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि वह कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन नोटिस देने के बाद पेशी के लिए कम से कम 48 घंटे का समय दिया जाना चाहिए था।

सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक ने अपने ईमेल में लिखा है कि एक सांसद के तौर पर उनके कार्यक्रम पहले से तय होते हैं। अचानक अगले ही दिन पेश होने का नोटिस देने से उनके लिए आवश्यक तैयारी करना असंभव हो गया। पर्याप्त समय दिए बिना इस तरह का एकतरफा समन भेजना मनमाना और अनुचित है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि नया समन जारी कर कम से कम 48 घंटे का समय दिया जाता है, तो वह जांच अधिकारियों का सामना करने और सभी कानूनी सवालों के जवाब देने के इच्छुक हैं। साथ ही उन्होंने जांच में पारदर्शिता और तर्कसंगत व्यवहार की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

इससे पहले पिछले बुधवार को भी पुलिस उनके आवास पर नोटिस देने गई थी, लेकिन उनके दिल्ली में होने और घर पर किसी के न होने के कारण अधिकारियों को खाली हाथ लौटना पड़ा था। शनिवार को दिल्ली से उनके कोलकाता लौटने के बाद रविवार को अंततः उनके आवास पर नोटिस पहुंचाया गया था। सोमवार को उनके पेश न होने पर पुलिस एक बार फिर उनके दरवाजे पर पहुंची।

यह पूरा मामला 27 अगस्त को कमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय की छत से पुलिस द्वारा एक होर्डिंग उतारे जाने की घटना से जुड़ा है। पुलिस और नगर निगम का दावा था कि होर्डिंग अवैध और खतरनाक तरीके से लगाई गई थी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस व नगर निगम के अधिकारियों के साथ सांसद के समर्थकों की हाथापाई और झड़प हो गई थी।

इस घटना को लेकर दर्ज तीन अलग-अलग एफआईआर के सिलसिले में पुलिस पहले भी उन्हें तलब कर चुकी है, और वे जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होकर अपना जवाब दे चुके हैं। रविवार को उसी मामले में उन्हें फिर से नया नोटिस भेजा गया था।