बोकारो। जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के खूंटाडीह गांव से करीब आठ महीने पहले लापता हुई 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी (महतो) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी दिनेश कुमार महतो की निशानदेही पर मधुडीह जंगल से युवती का नर कंकाल बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को पुष्पा कुमारी लापता हो गई थी। इस संबंध में 24 जुलाई को उसकी मां रेखा देवी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 4 अगस्त को अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के विश्लेषण से पता चला कि पुष्पा का गांव के ही दिनेश कुमार महतो से पिछले तीन वर्षों से संपर्क था। पुलिस ने जब दिनेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी ने बताया कि 21 जुलाई 2025 को ही उसने चास कॉलेज में नामांकन के बहाने पुष्पा को बुलाया और कॉलेज परिसर के पीछे सुनसान इलाके में ले जाकर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को मधुडीह जंगल में छिपा दिया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से मृतका के कपड़े, बाल, हड्डियों के अवशेष और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। साथ ही, आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।
इस मामले में जांच में लापरवाही के आरोपों के बीच थाना प्रभारी और मुंशी को लाइन हाजिर किया गया, जिसके बाद जांच में तेजी आई। मृतका की मां रेखा देवी शुरू से ही दिनेश महतो पर संदेह जता रही थीं, लेकिन प्रारंभ में इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
बाद में पीड़ित परिवार द्वारा उच्च न्यायालय में गुहार लगाने पर कोर्ट ने मामले में सख्ती दिखाई। इसके चलते बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ा, वहीं डीजीपी को भी वर्चुअल माध्यम से पेश होना पड़ा।
सीआईडी के डीआईजी ने भी मामले की समीक्षा के लिए घटनास्थल का दौरा किया। फिलहाल नर कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस की कार्यशैली और प्रारंभिक जांच पर सवाल उठने लगे हैं।
