मुर्शिदाबाद, 01 नवंबर । मुर्शिदाबाद रेलवे स्टेशन पर टिकट बिक्री में कथित दलाली, वसूली और रेलवे की जमीन को अवैध तरीके से लीज पर देने के आरोपों को लेकर रविवार को जमकर विवाद हुआ। पिछड़ा वर्ग कल्याण, जनशिक्षा प्रसार एवं पुस्तकालय विभाग के मंत्री गौरीशंकर घोष स्टेशन मास्टर मुकुल आनंद से मिलने पहुंचे। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।
मंत्री ने स्टेशन मास्टर पर तत्काल टिकटों की बिक्री में अनियमितता, रेलवे के बगीचे और जमीन को निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना लीज पर देने तथा सरकारी दर से अधिक कीमत पर टेंडर देने के आरोप लगाए। इन शिकायतों के संबंध में मंत्री ने स्टेशन मास्टर से दस्तावेज मांगे थे। आरोप है कि स्टेशन मास्टर ने बाद में दस्तावेज दिखाने की बात कही, लेकिन करीब डेढ़ महीने बीतने के बावजूद उन्हें कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया।
रविवार को मंत्री दोबारा स्टेशन मास्टर से मिलने पहुंचे और संबंधित कागजात दिखाने की मांग की। आरोप है कि स्टेशन मास्टर ने दस्तावेज नहीं दिखाए। इसके बाद मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के साथ मिलीभगत कर वसूली किए जाने का आरोप लगाया।
इसके अलावा स्टेशन परिसर में लगी लिफ्ट और एस्केलेटर के काम नहीं करने तथा टिकट काउंटर पर बैठकर शराब पीने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। मंत्री का आरोप है कि संबंधित रेलकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
इस घटना के बाद मुर्शिदाबाद स्टेशन परिसर में काफी हलचल मच गई। खबर लिखे जाने रेलवे प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी था।
