घायल युवक

सदर अस्पताल पहुंचा लखन साव, पुलिस के दावे पर भी उठे सवाल

गिरिडीह, 8 सितंबर। नगर थाना परिसर में सोमवार रात लगभग 9 बजे 25 वर्षीय लखन साव की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। युवक के शरीर पर चोट के निशान और थाना परिसर में तबीयत बिगड़ने के बाद उसे सदर अस्पताल ले जाए जाने की घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने युवक और उसके परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए पूरी घटना को नशे की हालत में हंगामा किए जाने से जोड़कर बताया है।

लखन साव के मुताबिक, वह कुछ दोस्तों के साथ ऑर्बिट होटल के पास खड़ा था। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि पुलिस उसकी बाइक भी उठाकर नगर थाना ले गई। बाद में बाइक लेने थाना पहुंचे लखन के साथ वहां भी कथित तौर पर मारपीट की गई।

युवक का कहना है कि मारपीट के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह थाना परिसर में गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गई, जहां उसे भर्ती कराया गया।

बहन ने लगाया गंभीर आरोप

घटना की जानकारी मिलने पर लखन की बहन भी नगर थाना पहुंची। उसने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिजनों का सवाल है कि यदि युवक ने केवल हंगामा किया था, तो थाना परिसर में उसकी तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और ऐसी कौन-सी परिस्थिति बनी कि पुलिस को उसे अस्पताल ले जाना पड़ा।

पुलिस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने युवक के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। पुलिस के अनुसार, लखन और उसके साथी नशे का सेवन कर रहे थे। पुलिस को देखते ही वे वहां से भागने लगे और इस दौरान बाइक और मोबाइल मौके पर छूट गए।

थाना प्रभारी के मुताबिक, बाद में लखन अपने साथियों के साथ थाना पहुंचा और वहां हंगामा करने लगा। पुलिस का दावा है कि युवक नशे में था और उसकी हालत सामान्य नहीं थी। थाना प्रभारी ने किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा युवक के साथ मारपीट किए जाने से इनकार किया है।