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रांची, 01 नवंबर । रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय में शनिवार को कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सीसीएल के 51वां स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें झंडोत्तोलन के बाद कोल इंडिया गीत प्रस्तुत किया गया तथा रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर ऊर्जा और एकता के प्रतीक का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी की ओर से शहीद स्मारक पर वीर शहीद कोल श्रमिकों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से की गई। इसके बाद पवन कुमार मिश्रा ने कोल इंडिया के तथा चंद्र शेखर तिवारी ने सीसीएल का ध्वज का झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर सीसीएल के सभी क्षेत्रों के ध्वजाओं का झंडोत्तोलन भी किया गया।

पवन कुमार मिश्रा ने इस अवसर पर सभी को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया के कर्मी अपने मूल्यों और परंपराओं को याद करते हुए भविष्य की दिशा तय करते हैं। कोयला, न्यूक्लियर और पेट्रोलियम देश की ऊर्जा के तीन प्रमुख स्रोत हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत योगदान कोयला और कोल इंडिया का है। कोयला आज भी सबसे सस्ती और सुलभ ऊर्जा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया और सीसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कृत संकल्पित हैं ।

चंद्र शेखर तिवारी ने इस मौके पर कहा कि कोल इंडिया निरंतर प्रगति, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है। कोल इंडिया ने पिछले 51 वर्षों में आधुनिक मशीनों और अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए नई ऊंचाइयां हासिल की है। यह यात्रा निरंतर विकास की प्रेरक कहानी है, क्योंकि ‘डेवलपमेंट इज नेवर एंडिंग’।

इस अवसर पर कोल इंडिया और सीसीएल के वीर शहीद कर्मियों को नमन किया गया और उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में कर्मी उपस्थित रहे।