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नई दिल्ली, 10 सितंबर । देश में गाड़ियों का भविष्य अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सॉफ्टवेयर आधारित वाहनों (एसडीवी) से बदलने जा रहा है। इसके लिए एक रिपोर्ट में गाड़ियां बनाने वाले कामगारों और इंजीनियर्स को नई तकनीक सीखने की सलाह दी गई है।

ऑटोमोबाइल कौशल विकास परिषद (एएसडीसी) वार्षिक सम्मेलन में जारी क्रीमकॉलर कंपनी की ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सॉफ्टवेयर आधारित वाहन (एसडीवी) के लिए नई दक्षताएं और प्रशिक्षण’ रिपोर्ट में कार निर्माता कंपनियों, सरकार और शिक्षण संस्थानों से इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को एआई के लिए तैयार करने की वकालत की गई है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गाड़ियों में एआई और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा, इसलिए कामगारों और अभियंताओं को नई तकनीक सीखने की जरूरत है। पुरानी तकनीक अब पर्याप्त नहीं रही, क्योंकि ऑटोमोबाइल क्षेत्र तेजी से बदल रहा है।

रिपोर्ट में बुनियादी, मध्यम और उच्च स्तर के प्रशिक्षण सुझाए गए हैं । इनसे कर्मचारियों की स्किल बढ़ेगी और भारत में एआई, सुरक्षा तकनीक और सॉफ्टवेयर के विशेषज्ञ तैयार होंगे। इससे विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी और भारत अपनी तकनीक विकसित कर सकेगा।

क्रीमकॉलर कंपनी के प्रमुख किरण कुमार जी.जे. ने कहा कि गाड़ियां अब सॉफ्टवेयर पर चल रही हैं और यह सौ साल में सबसे बड़ा बदलाव है। एआई इस बदलाव को और तेज कर रहा है। यह रिपोर्ट कंपनियों और नेताओं के लिए एक गाइड है कि वे अपने कर्मचारियों को नई तकनीक सिखाने के लिए क्या करें।

एएसडीसी के प्रमुख अरिंदम लाहिरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि सब मिलकर काम करें और भविष्य बदलें। यह रिपोर्ट पूरे उद्योग को सही दिशा में कौशल विकास के लिए मदद करेगी।

रिपोर्ट बताया गया कि गाड़ियां अब सॉफ्टवेयर आधारित मंच बनने से एडीएएस अभियंता, प्रमाणीकरण अभियंता और सुरक्षा विशेषज्ञों की भूमिका अब ज्यादा अहम हो गई है।