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कोलकाता, 21 सितंबर । उपचुनाव से पहले पुराने मामले में गिरफ्तार नंदीग्राम के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने अब कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। उनका आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ पांच और मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने हाई कोर्ट से संरक्षण की मांग की है। मामले की सुनवाई मंगलवार को हो सकती है।

मिलन प्रधान को करीब 19 साल पुराने हत्या और अपहरण के मामले में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को उन्हें हल्दिया महकमा अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें तीन अक्टूबर तक जेल में रखने का निर्देश दिया गया है।

मिलन प्रधान का आरोप है कि उन्हें एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उनके खिलाफ पांच और मामले जोड़ दिए गए। इसी के बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कानूनी संरक्षण की मांग की है।

नंदीग्राम उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचित प्रधान ने शुक्रवार को अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की थी। इसी घोषणा के कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान मिलन प्रधान के खिलाफ कई गंभीर आरोपों में मामले दर्ज हुए थे। उनके खिलाफ हत्या के चार मामलों के अलावा हत्या का प्रयास, अपहरण, सबूत मिटाने, अवैध रूप से प्रवेश और हथियार अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन मामले नंदीग्राम थाने और एक मामला खेजुरी थाने में दर्ज था।

इन मामलों में लंबे समय से मिलन प्रधान के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी था। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद पुराने वारंट को लागू करते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। इसके बाद रविवार को उनके खिलाफ एक और मामला जोड़े जाने की बात सामने आई, जिससे कुल मामलों की संख्या पांच हो गई है।