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कोलकाता, 21 सितंबर । अविभाजित तृणमूल का चुनाव चिह्न और पार्टी का नाम हाथ से निकलने के बावजूद फिलहाल पार्टी के कोष पर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल का अधिकार बरकरार रहेगा। कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के अंतरिम निर्देश को अधिक महत्व ना देकर मामले में अपने पुराने आदेश को बरकरार रखा।

सोमवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। उपचुनाव के लिए उसने तृणमूल के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर अंतरिम निर्देश जारी किया है। इसलिए आयोग के उक्त अंतरिम निर्देश के बाद भी कोष को लेकर फिलहाल अदालत अपने पिछले फैसले से पीछे नहीं हट रही है। आगामी 29 जनवरी तक पार्टी के कोष से धन खर्च करने का अधिकार ममता गुट के पास ही रहेगा।

चुनाव आयोग के अंतरिम निर्देश के अनुसार, ममता बनर्जी या ऋतब्रत बनर्जी के गुट फिलहाल ‘अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम और जोड़ा फूल चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि इस स्थिति में कालीघाट तृणमूल के बैंक खाते को फ्रीज करने से संबंधित मामला सुनवाई योग्य नहीं होना चाहिए। राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजुमदार ने कहा कि यह मामला ‘अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ के नाम से दायर किया गया है। जबकि आयोग के निर्देश के बाद अब उस नाम से कोई राजनीतिक दल नहीं है। उक्त दल का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज कर दिया गया है।

राज्य की इस दलील के बाद अदालत ने कहा कि चूंकि आयोग ने अंतरिम निर्देश दिया है, इसलिए अदालत अपने पिछले रुख पर ही कायम रहेगी। इसके जवाब में राज्य ने कहा कि यदि अदालत अभी हस्तक्षेप करती है तो भविष्य में इसका प्रभाव पड़ सकता है। आगे चलकर यदि आयोग तृणमूल के किसी एक पक्ष को लेकर अंतिम निर्णय देता है, तब क्या होगा?

उल्लेखनीय है कि अवैध लेन-देन के आरोप में पुलिस ने एक निजी बैंक में मौजूद तृणमूल के तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था। इस कार्रवाई के खिलाफ पार्टी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने इन बैंक खातों के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया था। गत 9 जुलाई को अदालत ने कहा था कि फिलहाल इन बैंक खातों पर कालीघाट तृणमूल का अधिकार रहेगा। हालांकि, वह मनमाने ढंग से धन खर्च नहीं कर सकेगी। अदालत द्वारा नियुक्त अधिकारी तृणमूल को दैनिक कार्यों और कर्मचारियों के वेतन के लिए खर्च करने की अनुमति देगा।

इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को इन खातों में हुए अवैध लेन-देन के मामले की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। उसी के अनुसार, सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल की।