कोलकाता, 13 सितंबर। झुंझुनू के शाह परिवार की पत्रिका ‘कुलदीपिका’ के 21वें अंक तथा परिवार के सदस्य प्रमोद शाह की दो गजलों पर आधारित एल्बम का लोकार्पण रविवार को स्थानीय भारतीय भाषा परिषद के सभाकक्ष में हुआ। समारोह में साहित्य, संगीत और परिवार की सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत वक्तव्य देते हुए महेश चंद्र शाह ने बताया कि शाह परिवार की पत्रिका ‘कुलदीपिका’ का प्रकाशन पिछले 30 वर्षों से हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज इसके 21वें अंक का लोकार्पण किया जा रहा है। साथ ही प्रमोद शाह की दो गजलों ‘उनकी मुहब्बत, उनकी वफाएं’ और ‘इक नई रस्म जमाने में चलाकर देखें’ पर आधारित गजल एल्बम का भी लोकार्पण हुआ।
इन गजलों को प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं ग्रैमी अवॉर्ड विजेता वी. सेल्वागणेश ने संगीतबद्ध किया है। गजलों का पाठ डॉ. शशि शेखर शाह ने किया, जबकि इन्हें अनिरुद्ध श्रीनिवासराघवन और जाह्नवी मुरली ने स्वर दिया है।
समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध उद्योगपति एवं पद्मश्री से सम्मानित सज्जन भजनका तथा मुख्य वक्ता पत्रकार विश्वम्भर नेवर ने ‘कुलदीपिका’ के 21वें अंक और गजल एल्बम का लोकार्पण किया। पत्रिका का लोकार्पण ध्वनि और शैली शाह ने तथा गजल एल्बम का लोकार्पण सुभाष और बिनायक शाह ने करवाया।
दोनों अतिथियों ने पत्रिका और गजल एल्बम की सराहना करते हुए शाह परिवार के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद किया और परिवार से जुड़े संस्मरण साझा किए।
समारोह में अतिथियों का स्वागत डॉ. रमेश चंद्र और अशोक कुमार शाह ने बुके भेंट कर किया। रतन शाह और महेश चंद्र शाह ने शॉल ओढ़ाकर अतिथियों का सम्मान किया। इस कार्य में राजेश और अंकित शाह ने सहयोग किया।
परिवार की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए ओम प्रकाश शाह ने शाह परिवार के अधिवेशनों, दीपावली प्रीति-सम्मेलनों और अन्य आयोजनों के बारे में बताया। राकेश शाह ने जे.बी. शाह गर्ल्स (पीजी) कॉलेज की गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि पावस शाह ने शाह प्रोफेशनल नेटवर्क के बारे में बताया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए ‘कुलदीपिका’ के संपादक प्रमोद शाह ने परिवार की साहित्यिक एवं प्रकाशन परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शाह परिवार के सदस्यों द्वारा अब तक 75 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया जा चुका है। इसके अलावा ‘रेव’, ‘कुलदीपिका’ और ‘द सोशल जिगसॉ’ पत्रिकाओं के 100 से अधिक अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रतन शाह ने की और अध्यक्षीय वक्तव्य दिया। सभाकक्ष में शाह परिवार द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसमें परिवार की साहित्यिक एवं बौद्धिक गतिविधियों की झलक देखने को मिली।
समारोह में राजेंद्र खंडेलवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। अंत में आतिश शाह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
