राधास्वामी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समेत चार गिरफ्तार

ओंकार समाचार

गिरिडीह, 2 सितंबर। सरकारी अनुदान पर वाहन खरीदने और मकान निर्माण के लिए ऋण दिलाने  का झांसा देकर 50 से अधिक लोगों से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है।  इस संबंध में पचंबा थाना पुलिस ने राधास्वामी संगठन के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा, उसकी पत्नी एवं संगठन की मीडिया प्रभारी अनीशा सिन्हा तथा दो सहयोगियों सुबोध सिंह और सुमित सिन्हा को गिरफ्तार किया है।

डीएसपी आरके राणा ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि मिली शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ठगी के इस पूरे नेटवर्क, बैंक खातों में हुए लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

30 प्रतिशत रकम जमा कराने के बाद बैंक से कराया गया कर्ज

पीड़ितों  का कहना है कि  संगठन की ओर से वाहन की कीमत पर 70 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके लिए लाभुकों से वाहन की कुल कीमत का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा संगठन के खाते में जमा कराया गया। इसके बाद शेष 70 प्रतिशत राशि बैंक से लाभुकों के नाम पर फाइनेंस कराई गई।

आरोप है कि संगठन के प्रतिनिधियों ने लाभुकों को यह भरोसा भी दिया कि बैंक कर्ज की मासिक किस्त संगठन की ओर से जमा कराई जाएगी। इस भरोसे में कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी संगठन के खाते में जमा करा दी और बैंक से कर्ज  ले लिया।

पीड़ितों का कहना है कि वाहन मिलने के बाद संगठन ने बैंक की किस्तें जमा नहीं कीं। एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद किस्त नहीं चुकाए जाने के कारण अब बैंकों की ओर से लोन रिकवरी और वाहन जब्ती के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इससे पीड़ितों के सामने जमा रकम गंवाने के साथ बैंक कर्ज चुकाने का संकट भी खड़ा हो गया है।

गिरफ्तारी की खबर मिलते ही थाने पहुंचे कई पीड़ित

आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कई कथित पीड़ित पचंबा थाना पहुंचे। बरगंडा निवासी ओम नाथ गोस्वामी, बक्सीडीह निवासी रानू सिन्हा, घोरंजो निवासी तालिब हसन, पचंबा निवासी राजीव कुमार, बोड़ो निवासी मो. अकुल अंसारी, मो. अमजद और मो. शहनबाज अंसारी समेत कई लोगों ने पुलिस को अपनी शिकायत दी।

पीड़ितों ने संयुक्त आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है।

मकान निर्माण के नाम पर भी रकम लेने का आरोप

पुलिस के मुताबिक कथित ठगी केवल वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। आरोपियों पर मकान निर्माण के नाम पर भी लोगों से रकम लेने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में गिरिडीह नगर, मुफस्सिल और पचंबा थाना क्षेत्रों के कई लोगों के इस कथित नेटवर्क से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कितने लोगों से रकम ली गई, बैंक से कितनी राशि फाइनेंस कराई गई और संगठन के खातों में जमा रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच

पुलिस कथित ठगी से जुड़े बैंक खातों, लेन-देन, लाभुकों से लिए गए पैसों, वाहन फाइनेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मामले में आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

डीएसपी आरके राणा ने लोगों से सरकारी अनुदान, सब्सिडी, कर्ज माफी या किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति या संस्था के खाते में रकम जमा कराने से पहले पूरी जानकारी हासिल करने की अपील की। उन्होंने संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा।

पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है। जांच आगे बढ़ने पर कथित ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।