सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अग्निशमन क्षमता बढ़ाने पर जोर
रांची, 01 दिसंबर। झारखंड में सुरक्षा व आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्यभर के 1100 होमगार्ड जवानों का 34 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण राज्य के चार प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों धुर्वा (रांची), हजारीबाग, दुमका और पलामू में दिया जा रहा है।
गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा के डीआईजी ने सभी जिला समादेष्टाओं को निर्देश जारी करते हुए प्रशिक्षण में शामिल सभी जवानों की सूची के साथ पासपोर्ट साइज फोटो अभिप्रमाणित करने के आदेश दिए हैं। जवानों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान भोजन (मेसिंग) खर्च हेतु पर्याप्त राशि और व्यक्तिगत उपयोग का आवश्यक सामान साथ लाने का निर्देश दिया गया है।
प्रशिक्षण केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान धुर्वा रांची में 400 जवानों का होगा। इसमें लोहरदगा से 3, जमशेदपुर से 70, सरायकेला से 63, पलामू से 2, गुमला से 17, चाईबासा से 52, बोकारो से 52, लातेहार से 25, कोडरमा से 1, सिमडेगा से 14, चतरा से 50, रामगढ़ से 44 तथा दुमका से 7 जवान शामिल हैं। इसी प्रकार क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र हजारीबाग में 430 जवानों का प्रशिक्षण आयोजित होगा, जिसमें लोहरदगा से 30, खूंटी से 60, चाईबासा से 50, कोडरमा से 70, रामगढ़ से 69, सिमडेगा से 25, गुमला से 50 तथा सरायकेला से 60 जवान भाग लेंगे ।
क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र दुमका में 400 जवानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें देवघर से 26, गोड्डा से 35, साहिबगंज से 45, पलामू से 60, बोकारो से 40, जामताड़ा से 100, पाकुड़ से 58 तथा रांची से 34 जवान शामिल हैं। वहीं क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र पलामू में 270 जवानों का प्रशिक्षण होगा, जिसमें गढ़वा से 32, लातेहार से 20, पाकुड़ से 24, रांची से 80, चतरा से 40, दुमका से 20 तथा धनबाद से 54 जवान ट्रेनिंग लेंगे।
34 दिनों के इस विशेष प्रशिक्षण में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था का व्यावहारिक प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल एवं आपदा प्रबंधन कौशल, अग्निशमन तकनीक और बचाव कार्य, शारीरिक फिटनेस, परेड और अनुशासन, प्राथमिक उपचार, भीड़ नियंत्रण और संचार तकनीक विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। ।
अधिकारियों के अनुसार इस प्रशिक्षण से होमगार्ड जवान अधिक सक्षम, प्रशिक्षित और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनेंगे।
