पूर्व मेदिनीपुर की 12 पूजा समितियों को मिलेगा देवी दुर्गा सम्मान

तमलुक, 18 अक्टूबर । पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की 12 दुर्गापूजा समितियों को ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ के लिए चुना गया है। जिला प्रशासन ने चार श्रेणियों में तीन-तीन पूजा समितियों का चयन किया है। शुक्रवार को निमतौड़ी स्थित जिला प्रशासनिक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिलाधिकारी निरंजन कुमार ने चयनित समितियों के नामों की घोषणा की।

जिलाधिकारी ने बताया कि अनुमंडल स्तर की समितियों से कुल 46 दुर्गापूजा समितियों के नामों की सिफारिश की गई थी। इनमें से जिला स्तरीय समिति ने चार श्रेणियों में कुल 12 समितियों का चयन किया। इन श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ पूजा, सर्वश्रेष्ठ मंडप, सर्वश्रेष्ठ प्रतिमा और सर्वश्रेष्ठ सामाजिक जागरूकता शामिल हैं।

सर्वश्रेष्ठ पूजा श्रेणी में पटाशपुर-दो के टिकरापाड़ा रेनबो एथलेटिक क्लब, कांथी नगरपालिका के नान्दनिक क्लब और मयना की पश्चिम मयना सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति को चुना गया है।

सर्वश्रेष्ठ मंडप श्रेणी में एगरा-दो के बालिघाई विवेकानंद व्यायामागार, रामनगर बाजार व्यवसायी समिति और महिषादल के संडे क्लब को स्थान मिला है।

सर्वश्रेष्ठ प्रतिमा श्रेणी में एगरा फ्रेंड्स रिक्रिएशन क्लब, नंदीग्राम के गोकुलनगर छह नंबर अंचल युवा संघ और पांशकुड़ा के मेछोग्राम समाज शिक्षा केंद्र का चयन किया गया है।

वहीं, सर्वश्रेष्ठ सामाजिक जागरूकता श्रेणी में कांथी-एक प्रखंड के बादलपुर विवेकानंद कल्याण संघ, चैतन्यपुर के नवतारा और नंदकुमार स्पोर्ट्स एंड कल्चरल सेंटर को चुना गया है।

पत्रकार वार्ता में अतिरिक्त जिलाधिकारी तानिया परवीन और जिला सूचना एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी वरुण मंडल भी उपस्थित थे।

इस दौरान जिलाधिकारी ने जिला प्रशासनिक भवन को प्लास्टिक मुक्त घोषित करने और सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने की पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक भवन में प्लास्टिक की बोतलों के स्थान पर कांच की बोतलों और गिलासों का उपयोग शुरू किया गया है। अब अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर के कार्यालयों में भी इस व्यवस्था को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने आम लोगों से भी प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े के थैले और कागज के पैकेट इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने बताया कि दुर्गापूजा के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग निगरानी कर रहा है।