वाराणसी, 16 जुलाई । अपने पति और दोनों बेटों को खोने के बाद सांसारिक जीवन से विरक्त हुई तमिलनाडु की 80 वर्षीय एक महिला ने धार्मिक एवं जनकल्याण कार्यों के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को तीन करोड़ रुपये का गुप्त दान दिया है। महिला की इच्छा का सम्मान करते हुए मंदिर प्रशासन ने उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार महिला ने अपने दिवंगत दोनों पुत्रों की स्मृति में दो करोड़ रुपये तथा मंदिर के अन्नक्षेत्र के लिए एक करोड़ रुपये का चेक मंदिर न्यास को सौंपा। इसे अब तक मंदिर को मिला सबसे बड़ा व्यक्तिगत दान माना जा रहा है। इससे पहले अंबानी परिवार ने मंदिर को ढाई करोड़ रुपये का दान दिया था।
महिला ने वाराणसी मंडल के आयुक्त एस. राजलिंगम को ई-मेल के माध्यम से मंदिर में दान देने की इच्छा व्यक्त की थी और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने का अनुरोध किया था। इसके बाद अधिकारियों ने उनसे संपर्क स्थापित किया। महिला ने शुरुआत से ही अपनी पहचान गोपनीय रखने का आग्रह किया था।
महिला अपने मैनेजर के साथ 12 जुलाई को मंडलायुक्त से मिलीं और तीन करोड़ रुपये के दो चेक उन्हें सौंपे। इसके अतिरिक्त उन्होंने 25-25 हजार रुपये के पांच अलग-अलग चेक भी दिए तथा इच्छा जताई कि इनकी राशि से प्रत्येक वर्ष श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक कराया जाए। दान की औपचारिकता पूरी करने के बाद महिला ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया और बिना किसी प्रचार-प्रसार के वाराणसी से लौट गईं।
मंदिर न्यास के अनुसार पिछले दो वर्षों में केवल अन्नक्षेत्र के लिए ही लगभग दो करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ है। वर्ष 2026 में 50 हजार रुपये से अधिक दान देने वाले 16 श्रद्धालुओं ने अन्नक्षेत्र के लिए कुल 1.14 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण से पहले मंदिर को प्रतिवर्ष लगभग 20 करोड़ रुपये का दान मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 84 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्ष 2022 में दक्षिण भारत के एक श्रद्धालु ने मंदिर को 60 किलोग्राम सोना भी दान किया था।
