शीतलहर

रांची, 14 नवम्बर। झारखंड में इस बार ठंड ने समय से पहले पैर पसार दिए हैं। राज्यभर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और हिमालयी क्षेत्रों में जल्द हुई बर्फबारी के कारण सर्दी का असर पूरे राज्य में बढ़ गया है।

राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। मेदिनीनगर में तापमान 10.1 डिग्री रहा, जबकि खूंटी सबसे ठंडा जिला के रूप में उभरा, जहां न्यूनतम पारा 8.5 डिग्री तक लुढ़क गया। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि नवंबर महीने में यह तापमान असामान्य रूप से कम है, जो लोगों को दिसंबर जैसी ठिठुरन का एहसास करा रहा है।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दो दिनों में रांची, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा के कई हिस्सों में शीतलहर चल सकती है।

सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने की संभावना है। विभाग ने वाहन चालकों को सतर्क रहने और गति नियंत्रित रखने की सलाह दी है।

तापमान और गिर सकता है

हिमालयी क्षेत्र में अगले चार दिनों में बर्फबारी में और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है। इसका सीधा असर झारखंड की हवाओं पर पड़ेगा और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है। ऐसे में राज्य के कुछ हिस्सों में पारा 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, जलवायु परिवर्तन भी इस तरह की असामान्य ठंड का एक प्रमुख कारण है।

अचानक बढ़ी सर्दी से राज्य के कई इलाकों में लोगों ने सुबह-शाम अलाव जलाना शुरू कर दिया है। बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग तेज हो गई है। नवंबर में ही आई यह कड़ाके की सर्दी लोगों को दिसंबर और जनवरी की याद दिला रही है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है और राज्य में ठिठुरन का दौर लंबा खिंच सकता है।