कोलकाता, 27 फरवरी। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत तैयार अंतिम मतदाता सूची शनिवार को प्रकाशित की जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों को इस सूची की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए अंतिम सूची में नाम जांचने के कई ऑनलाइन और ऑफलाइन विकल्प भी खुले रखे हैं। इस बार अंतिम मतदाता सूची में सामान्य मतदाताओं के अतिरिक्त दो नई श्रेणियां “विवेचनाधीन” और “विलोपित” भी शामिल की गई हैं। इस प्रकार सूची में नाम तीन श्रेणियों में प्रदर्शित होंगे।
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और मतदाता पहचान पत्र संख्या दर्ज कर सूची में अपना विवरण देख सकते हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नाम जांचने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों की वेबसाइटों पर भी मतदाता अपने नाम की स्थिति देख सकेंगे।
ऑनलाइन विकल्पों के साथ-साथ ऑफलाइन जांच की भी व्यवस्था की गई है। अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां बूथ स्तरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएंगी। मतदाता अपने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारी से संपर्क कर नाम की पुष्टि कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न मतदान केंद्रों पर अंतिम सूची की हार्ड कॉपी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि मतदाता सीधे वहां जाकर भी अपना नाम देख सकें।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि “विवेचनाधीन” श्रेणी में उन मतदाताओं के नाम होंगे जिनके पहचान दस्तावेज न्यायिक अधिकारियों के समक्ष परीक्षण की प्रक्रिया में हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विशेष रूप से नियुक्त न्यायिक अधिकारी इन मामलों का निपटारा करेंगे। परीक्षण पूर्ण होने और नाम स्वीकृत होने के बाद इन मतदाताओं के नाम अनुपूरक सूची में प्रकाशित किए जाएंगे।
वहीं “विलोपित” श्रेणी में उन मतदाताओं के नाम शामिल होंगे जिन्हें नवंबर से शुरू हुए विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान के दौरान विभिन्न कारणों से सूची से बाहर किया गया है।
निर्वाचन आयोग के इस कदम को राज्य में आगामी चुनावों से पहले पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
