कोल्हान में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू- पूर्वी सिंहभूम में 30 अक्टूबर तक भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
पूर्वी सिंहभूम, 27 अक्टूबर । बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब का असर कोल्हान क्षेत्र में दिखने लगा है। मंगलवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने 30 अक्टूबर तक भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। साथ ही संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
रांची स्थित मौसम केंद्र से प्राप्त पूर्वानुमान के आधार पर जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने नगर निकायों के विशेष पदाधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। उन्होंने आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया है।
प्रशासन के अनुसार, लगातार बारिश होने पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका है। वहीं, तेज हवाओं से कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों और कमजोर दीवारों को नुकसान पहुंच सकता है। धान और सब्जियों सहित खरीफ फसलों के प्रभावित होने की भी संभावना जताई गई है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए उपायुक्त ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षित आश्रय स्थलों की पहले से पहचान करने और वहां भोजन, पेयजल तथा आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को भी कहा गया है।
आंधी और बारिश के दौरान बिजली के तार टूटने तथा विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग को विशेष सतर्कता बरतने और संभावित खराबियों को जल्द दूर करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। वज्रपात के समय खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा सुरक्षित भवनों में शरण लेने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तत्काल संपर्क करने को कहा गया है।———–
