दो महिला माओवादी भी मुख्यधारा में लौटीं, तीनों पर कुल 109 मामले दर्ज
पश्चिमी सिंहभूम, 07 अगस्त । पश्चिमी सिंहभूम में माओवाद विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के तीन सक्रिय सदस्यों ने शुक्रवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम उर्फ सालुका उर्फ डांगिल उर्फ मारू उर्फ भुवनेश्वर कायम तथा दो महिला माओवादी पिंकी और कोदोमुनी कोड़ा शामिल हैं। तीनों के आत्मसमर्पण कोल्हान क्षेत्र में माओवादी संगठन के कमजोर पड़ते नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने मामले में विस्तृत जानकारी बाद में साझा किए जाने की बात कही।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तीनों आत्मसमर्पित माओवादियों के खिलाफ कुल 109 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें अकेले सालुका कायम के खिलाफ 96 मामले दर्ज हैं। सरकार ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, सालुका लंबे समय से कोल्हान क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख संचालक रहा है और संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी माना जाता है।
पुलिस ने बताया कि सालुका कायम वर्ष 2018 से 2026 के बीच सुरक्षा बलों पर हमले, आईईडी विस्फोट, मुठभेड़, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने, निर्माण कार्यों में आगजनी, हत्या, अपहरण और लेवी वसूली से जुड़े कई मामलों में आरोपित रहा है। पुलिस का दावा है कि वह करीब 25 बड़ी माओवादी घटनाओं में प्रत्यक्ष रूप से शामिल रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ दर्ज प्रमुख मामलों में मार्च 2026 में मारंगपोंगा-किनबीर क्षेत्र में मुठभेड़ और आईईडी विस्फोट में कोबरा जवानों के घायल होने की घटना, 2025 में जराइकेला क्षेत्र में हुए दो आईईडी विस्फोट, 2023 में टोंटो और गोइलकेरा क्षेत्र में हुए आईईडी धमाके तथा झारखंड जगुआर के सब-इंस्पेक्टर अमित तिवारी और आरक्षी गौतम कुमार की शहादत से जुड़ी मुठभेड़ शामिल हैं।
इसके अलावा वर्ष 2022 में पुलिस मुखबिरी के आरोप में हत्या, मुठभेड़ और आईईडी विस्फोट, वर्ष 2021 में लांजी जंगल में झारखंड जगुआर के तीन जवानों की हत्या, भारत बंद के दौरान रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने, ग्रामीणों की हत्या और वन विभाग की मशीनों में आगजनी के मामले भी उसके खिलाफ दर्ज हैं। वर्ष 2020 और 2018 में भी अपहरण, हत्या, पुलिस कैंप पर हमला, निर्माण कार्यों में लगी मशीनों में आगजनी और ग्रामीणों की हत्या जैसे गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आया था।
पुलिस के मुताबिक, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ महीनों से चलाए जा रहे लगातार अभियान, माओवादी नेताओं की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण नीति का असर अब दिखाई देने लगा है। हाल में पश्चिमी सिंहभूम में 14 माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद सालुका कायम समेत तीन सक्रिय कैडरों का मुख्यधारा में लौटना संगठन के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कोल्हान क्षेत्र में माओवादी संगठन का नेटवर्क लगातार सिमट रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले तीनों से पूछताछ के आधार पर सक्रिय माओवादियों, उनके ठिकानों, हथियारों और संगठन की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस की ओर से मामले में आगे विस्तृत जानकारी दिए जाने की संभावना है।–
