मेदिनीपुर, 08 अक्टूबर। 24 घंटे के भीतर खड़गपुर के गोलीकांड की तस्वीर बदल गई है। बुधवार दिनदहाड़े स्कूल छात्र अक्षय झा को गोली लगने की घटना को लेकर रेलनगरी में मचे हंगामे के बीच गुरुवार को जिला पुलिस ने बताया कि बाहर से कोई अपराधी आकर गोली नहीं चलाया था। प्रारंभिक जांच में पुलिस का दावा है कि मित्र के घर पर पिस्तौल देखने के दौरान अक्षय ने ही लापरवाही से गोली चला दी थी। उसी गोली से वह गंभीर रूप से घायल हुआ।
घटना के सिलसिले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सागर कुमार (23), कोला योगेश्वर राव उर्फ चिंटू (23) और विशाल जाना (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि तीनों अक्षय के परिचित हैं।
बुधवार सुबह खड़गपुर के ओल्ड सेटेलमेंट इलाके में स्कूटी से जाते समय अक्षय के गोली लगने की खबर फैल गई थी। प्रारंभ में उसके मित्र सागर ने दावा किया था कि टिफिन करने जाते समय दो अपराधियों ने पीछे से उनका पीछा किया और गोली चला दी। घटना को लेकर गैंगवार की आशंका भी पैदा हो गई थी। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सागर के बयान में विसंगतियां सामने आईं।
पुलिस के अनुसार, अक्षय के मित्र सागर के पिता प्रसाद कुमार के पास एक पिस्तौल थी। हाल में सागर को वह पिस्तौल मिली थी। इसके बाद उसने मित्र अक्षय को पिस्तौल दिखाने के लिए अपने घर बुलाया। वहीं यह घटना हुई। पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना के अनुसार, सागर कुछ समय के लिए शौचालय गया था। इसी दौरान अक्षय पिस्तौल हाथ में लेकर उसे देख रहा था। उसी समय गलती से ट्रिगर दब गया और गोली अक्षय के शरीर में जा लगी।
इसके बाद सागर घबरा गया। स्थिति संभालने के लिए उसने पहले एक और मित्र को बुलाया। बाद में उस मित्र ने भी एक अन्य व्यक्ति को फोन किया। पुलिस ने सागर के कॉल डिटेल की जांच कर इन संपर्कों का सुराग पाया। घायल अक्षय को तत्काल पहले खड़गपुर रेल अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे कोलकाता भेजने की व्यवस्था की गई।
घटना के बाद से ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। पांच टीमें गठित कर जांच शुरू की गई। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। साथ ही सागर से पूछताछ करने पर धीरे-धीरे जांचकर्ताओं के सामने घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आई। पूछताछ में उसने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने कहा कि अक्षय के नाबालिग होने और सागर को बचाने के लिए दोस्तों ने शुरुआत में उसे अस्पताल पहुंचाया था। लेकिन घटना के बाद एक-एक कर अन्य लोगों को बुलाने की बात जांचकर्ताओं के ध्यान में आई। उन्होंने कहा कि गोली जानबूझकर नहीं चलाई गई थी, बल्कि गलती से ट्रिगर दबने के कारण गोली चल गई।
हालांकि, आग्नेयास्त्र कहां से आया, वह वैध है या नहीं और इस घटना में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस एक और व्यक्ति की तलाश भी कर रही है।
