खूंटी, 17 जून । रनिया में गैरेज चलाने वाले तोड़ा डिगरी गांव निवासी राधेश्याम साहू की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इस आशय की जानकारी पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग (एसपी) ने बुधवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
एसपी ने बताया कि राधेश्याम साहू का शव रनिया थाना क्षेत्र के तांबा जंगल के समीप बरामद किया गया था। हत्यारों ने उसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी।
बताया गया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के निर्देश पर तोरपा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
पुलिस ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल फोन के विश्लेषण और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि उन्होंने राधेश्याम साहू पर उनके सिर पर डंडे से हमला किया और बाद में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को मृतक की स्कूटी पर लादकर तांबा जंगल के समीप ले जाकर फेंक दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की स्कूटी, खून के निशान वाला डंडा, मृतक और आरोपितों के मोबाइल फोन, घटना के दिन के वीडियो और तस्वीरें एवं आरोपितों की ओर से पहनी गई चप्पलों सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस ने मामले में किशुनपुर निवासी लक्ष्मी देवी (40), बिरता निवासी संदीप मांझी (26) और किशुनपुर निवासी रविंद्र मांझी (18) को गिरफ्तार किया है। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया गिरफ्तार आरोपित लक्ष्मी देवी अपने पहले पति को छोड़कर राधेश्याम साहू के साथ रहती थी। लक्ष्मी ने पुलिस को बताया कि राधेश्याम अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। इस बात की जानकारी उसने अपने पहले पति के बेटे रविन्द्र मांझी को दी। रविन्द्र ने 15 जून को अपने दोस्त संदीप मांझी के साथ मिलकर राधेश्याम की उसके घर पर हत्या कर दी और शव को ताम्बा जंगल के पास फेंक दिया।
