
वाशिंगटन, 05 अप्रैल । साल 2018 में लड़कियों के यौन शोषण के आरोपों से घिरने के बाद सुर्खियों में आए रोमन कैथोलिक चर्च के ‘प्रमुख’ अमेरिकी कार्डिनल थियोडोर ई. मैककारिक का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कदाचार के आरोपों से पहले वे रोमन कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च पदों पर थे। एक जांच के बाद पोप फ्रांसिस ने उनसे उनकी उपाधि और पादरी का पद छीन लिया था।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, वाशिंगटन के पूर्व आर्कबिशप और रोमन कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च अमेरिकी प्रीलेट थियोडोर ई. मैककैरिक पर नाबालिगों और सेमिनेरियन का यौन शोषण करने का आरोप लगाया गया था। इस आरोप से वेटिकन सिटी में हड़कंप मंच गया। पोप फ्रांसिस की कड़ी कार्रवाई के बाद वह एक आम आदमी की तरह जीवन बसर करने लगे।
वाशिंगटन के आर्कबिशप कार्डिनल रॉबर्ट डब्ल्यू. मैकलेरॉय ने एक बयान में उनकी मृत्यु की पुष्टि की गई, लेकिन अन्य कोई और विवरण नहीं दिया गया है। वेटिकन के बयान में कहा गया कि गुरुवार को मिसौरी में उनकी मृत्यु हो गई।
मैककारिक के खिलाफ लगे आरोपों के बाद वेटिकन ने चर्च के यौन शोषण संकट से निपटने के लिए कई नीतियों को आकार दिया। जांच में साफ हुआ कि उन्होंने 1971 और 1972 में एक किशोरी से छेड़छाड़ की। वह तब न्यूयॉर्क में मोनसिग्नर थे। उनसे पहले भी हजारों पादरियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे और चर्च ने पीड़ितों को समझौते के तौर पर करोड़ों डॉलर का भुगतान किया। 2012 में बोस्टन के आर्कबिशप और अमेरिका के वरिष्ठ प्रीलेट कार्डिनल बर्नार्ड एफ. लॉ ने इस खुलासे के बीच इस्तीफा दे दिया था।
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