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कोलकाता, 17 दिसंबर ।

पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। सीपीआई एम की राज्य इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम के बेटे अतिश अजीज ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में उनके और उनके पिता के नाम के साथ गलती से ‘अवस्थी’ उपनाम जोड़ दिया गया है।

अतिश अजीज ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता हैं और उनका नाम अतिश अजीज दर्ज है। लेकिन जब उन्होंने मसौदा मतदाता सूची की जांच की, तो उनके नाम के साथ ‘अवस्थी’ उपनाम जुड़ा हुआ मिला। यही उपनाम उनके पिता मोहम्मद सलीम के नाम के आगे भी दर्ज पाया गया।

उन्होंने कहा कि उनके पिता दशकों से सक्रिय राजनीति में हैं। ऐसे में यदि उनके मामले में इस तरह की गलती हो सकती है, तो आम मतदाताओं के साथ क्या हुआ होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

अतिश अजीज ने बुधवार को सवाल उठाया कि जब विशेष गहन पुनरीक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो फिर इस तरह की बुनियादी गलतियां कैसे सामने आ रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि मीडिया के कुछ वर्ग और भारतीय जनता पार्टी यह दावा कर रहे थे कि यह प्रक्रिया मुसलमानों पर शिकंजा कसने के लिए होगी, लेकिन चुनाव आयोग ने तो उनके और उनके पिता दोनों को ‘ब्राह्मण’ बना दिया।

अतिश अजीज ने मसौदा मतदाता सूची की तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें कथित तौर पर दोनों के नाम के साथ ‘अवस्थी’ उपनाम जुड़ा हुआ दिख रहा है। उन्होंने बताया कि इलाके के सीपीआई एम के बूथ स्तर के एजेंट को इसकी जानकारी दे दी गई है और मामला मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के समक्ष उठाया जा रहा है।

दरअसल मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर को प्रकाशित किया गया था। यह विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण के तहत गणना प्रपत्रों के आंकड़ों के डिजिटलीकरण के बाद जारी किया गया है।