ममता के दिल्ली दौरे पर शुभेंदु का हमला, कहा -एक हाथ में जमात और दूसरे में दिमागी नक्सल

कोलकाता, 29 सितंबर । पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रस्तावित दिल्ली दौरे को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी एक हाथ में ‘जमात’ और दूसरे हाथ में ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वह वामपंथी नेताओं के साथ मिलकर कोई नई साजिश रचने के लिए राष्ट्रीय राजधानी जा रही हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस और खुफिया विभाग (आईबी) से ममता की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की भी अपील की है।

मुख्यमंत्री की यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेता चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। इसी रणनीति पर चर्चा के लिए 30 सितंबर को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन की एक अहम बैठक होने वाली है। ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एमए बेबी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बातचीत की है और उनके इस बैठक में शामिल होने की पूरी संभावना है।

राज्य भाजपा मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के वामपंथियों के साथ बढ़ते तालमेल पर जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि लोग पहले भी दिल्ली जाते रहे हैं, लेकिन वह माकपा नेताओं के साथ एक नई साजिश रचने के लिए दिल्ली जा रही हैं। उन्हाेंने कहा कि वह दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसी से अनुरोध करेंगे कि वे उन पर कड़ी नजर रखें ताकि किसी भी राष्ट्रविरोधी ताकत के साथ दोबारा कोई गुप्त बैठक न हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अब दिमागी नक्सल बन गए हैं और वह जमात तथा दिमागी नक्सलियों, दोनों को एक साथ लेकर चल रही हैं।

दशकों तक पश्चिम बंगाल में एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे तृणमूल कांग्रेस और माकपा के बीच इस असामान्य राजनीतिक तालमेल ने बंगाल के सियासी पारे को और बढ़ा दिया है। यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छह अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले तेज हो गए हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बाद चुनाव प्रक्रिया की कड़ी जांच की मांग कर रहे हैं, जिसके लिए माकपा नेता एमए बेबी ने गैर-राजग दलों से व्यापक सहयोग मांगा है।

इस बीच, मंगलवार को ही मुख्यमंत्री ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस फैसले का भी स्वागत किया, जिसमें भाजपा की नंदीग्राम उम्मीदवार हासीरानी रथ के चुनावी हलफनामे को चुनौती देने वाली कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी गई थी। कांग्रेस ने रथ की उम्र और शैक्षिक योग्यता से जुड़ी विसंगतियों पर सवाल उठाए थे। न्यायमूर्ति कृष्णा राव की अदालत ने इस मामले की सुनवाई के बाद कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया।

अदालत के फैसले पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि एक साइनबोर्ड पार्टी और तृणमूल कांग्रेस द्वारा नंदीग्राम की भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ दायर की गई आधारहीन याचिका का खारिज होना पार्टी के लिए बड़ी जीत है।

गौरतलब है कि, 2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट बरकरार रखने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी, जहां से अब भाजपा ने हासीरानी रथ को मैदान में उतारा है।