कोलकाता, 10 अक्टूबर। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 1946 में नोआखाली में हुई सांप्रदायिक हिंसा की बरसी पर हिंसा में मारे गए निर्दोष बंगाली हिंदुओं को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने शनिवार को समाज माध्यम पर एक पोस्ट के जरिए इस घटना के इतिहास को नई पीढ़ी के सामने लाने की अपील की।
शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 10 अक्टूबर 1946 को कोजागरी पूर्णिमा और लक्ष्मी पूजा के दिन बंगाल के तत्कालीन नोआखाली और टिप्पेरा जिलों में धार्मिक असहिष्णुता के कारण निर्दोष बंगाली हिंदुओं के नरसंहार की शुरुआत हुई थी। ये इलाके अब बांग्लादेश में हैं। उन्होंने कहा कि लगभग चार सप्ताह तक सनातनियों पर अमानवीय अत्याचार किए गए।
उन्होंने इस घटना को इतिहास का कलंकित अध्याय बताते हुए कहा कि इस हिंसा का इतिहास नई पीढ़ी के सामने उजागर होना चाहिए। उन्होंने धार्मिक असहिष्णुता के कारण मारे गए निर्दोष बंगाली हिंदुओं के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1946 में भारत की स्वतंत्रता और सत्ता हस्तांतरण को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बंगाल समेत कई क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव बढ़ा था। नोआखाली की हिंसा में मुख्य रूप से हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। इस घटना ने तत्कालीन बंगाल की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर गहरा प्रभाव डाला था।
