ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती

रांची, 18 फरवरी । झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में रांची जिला प्रशासन ने मैट्रिकुलेशन और इंटरमीडिएट परीक्षा अवधि के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने बुधवार को संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।

उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर को निर्देश दिया है कि सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास डीजे, लाउडस्पीकर और नगर निकाय के प्रचार वाहनों की विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की बोर्ड एवं इंटरमीडिएट परीक्षाएं संचालित हो रही हैं। इस दौरान लाउडस्पीकर और डीजे की तेज आवाज विद्यार्थियों की एकाग्रता में बाधा उत्पन्न कर रही है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि पाए जाने पर संबंधित वाहन, प्रत्याशी, बार-रेस्टोरेंट संचालक या आयोजक के विरुद्ध उपकरण जब्त करने, जुर्माना लगाने तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 डेसिबल और रात के समय 45 डेसिबल की ध्वनि सीमा निर्धारित की गई है।

जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और आम नागरिकों से अपील की है कि परीक्षा अवधि के दौरान छात्रों की पढ़ाई और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि परीक्षाएं शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।