कोलकाता, 06 फरवरी । कोलकाता के एक लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को अपनी गर्लफ्रेंड को जबरन बंधक बनाने और उसके साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में गुरुवार रात गिरफ्तार किया गया। आरोपित की पहचान शमिक अधिकारी के रूप में हुई है, जो सोशल मीडिया पर ‘नॉनसेन’ नाम से जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, वह बेहाला इलाके का निवासी है और शिकायतकर्ता उसकी परिचित युवती है।
शिकायत में 22 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि दो फरवरी को वह दोस्ती के चलते आरोपित के घर गई थी, जहां उसे रात करीब साढ़े नौ बजे से अगले दिन शाम पांच बजे तक लगभग 20 घंटे तक जबरन रोके रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई, घूंसे मारे गए और जान से मारने की धमकी दी गई।
युवती का यह भी आरोप है कि आरोपित ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और कपड़े खींचे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद कथित तौर पर यह घटना हुई।
बुधवार को पीड़िता ने बेहाला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(2), 115(2), 74 और 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की और गुरुवार रात को आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है। उसके फेसबुक पर करीब 32 हजार और इंस्टाग्राम पर एक हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। आरोप सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उसकी कड़ी आलोचना की है।
अब तक आरोपित की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। वह राज्य सरकार का आलोचक रहा है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पहले भी वीडियो पोस्ट करता रहा है।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी की सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने इस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
मालवीय ने कहा कि बिना तथ्यों के अचानक शिकायत दर्ज होना संदेह पैदा करता है और यह राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार आलोचकों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
