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दार्जिलिंग, 22 सितंबर । सिटोंग के उस होमस्टे को घटना के आठ दिन बाद सील कर दिया गया है, जहां चिकन बारबेक्यू के दौरान एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई थी। जलपाईगुड़ी क्षेत्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने मौके से विभिन्न नमूने एकत्र किए है। इसके बाद पुलिस ने होमस्टे को पूरी तरह सील कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य वजह, इसकी भी जांच की जा रही है। घटना 13 सितंबर को कर्सियांग अनुमंडल के सिटोंग एक ग्राम पंचायत के खासमहल इलाके में हुई थी। चिकन बारबेक्यू के दौरान पास में बैठी उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा निवासी महिला गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसके शरीर का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा जल गया था। परिवार ने होमस्टे प्रबंधन पर लापरवाही और समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।

मामले में पुलिस ने होमस्टे के मालिक और मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, सिलीगुड़ी के कावाखाली स्थित निजी अस्पताल में इलाज करा रही महिला को रविवार रात विशेष एंबुलेंस से बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले जाया गया।

उनके पति सौविक दास के अनुसार, कोलकाता के एमआर बांगुर अस्पताल में उनका इलाज शुरू हो गया है। राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने मामले की उचित जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।