नई दिल्ली, 04 नवंबर । केन्द्र सरकार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अग्निपथ योजना के अंतर्गत चार साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल के सेवा विस्तार को मंजूरी दी है। इसके बाद इन्हें नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज रक्षा मंत्रालय के इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि सरकार ने अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल करने के रास्ते को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत वर्तमान में 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित बलों में भर्ती किया जाता है और शेष 75 प्रतिशत को सेना छोड़नी पड़ती थी। अब कैबिनेट ने शेष 75 प्रतिशत को दो साल का सेवा विस्तार दिए जाने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इस अतिरिक्त दो साल की अवधि पूरा होने पर सेना में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों को वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के अधीन सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाएगा।
सीडीएस जनरल सुब्रमणि ने कहा कि आज भारतीय सशस्त्र बलों और अग्निवीरों के लिए बहुत अहम दिन है, क्योंकि कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने का रास्ता बनाया है। ‘अग्निपथ’ स्कीम 14 जून, 2022 को शुरू की गई थी। उस समय यह कहा गया था कि अग्निवीरों का लगातार प्रदर्शन मूल्यांकन होगा और समय-समय पर स्कीम की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों का पहला बैच अब चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाला है। इन चार सालों में उनके कार्यों का मूल्यांकन करने पर हमें उनके बारे में बहुत पॉजिटिव फीडबैक मिला है। इसी आधार पर चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार दिया गया है।
