कोलकाता, 29 नवंबर। ईस्टर्न रेलवेमेंस कांग्रेस वूमेन्स फ़ोरम की ओर से महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर पूर्व रेलवे मुख्यालय, फेयरली प्लेस स्थित उदिशा ऑडिटोरियम में एक दिवसीय जागरूकता एवं संवाद सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ईएमआरसी के अध्यक्ष एवं एनएफआईआर के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने किया।
सेमिनार में विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न, जातीय भेदभाव, बढ़ती हिंसा और सामाजिक विषमताओं जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
अपने संबोधन में विनोद शर्मा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकार रेलवे संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ईएमआरसी महिला कर्मचारियों के साथ हर परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।”
उन्होंने सुरक्षित एवं संवेदनशील कार्य वातावरण, मजबूत शिकायत निवारण व्यवस्था और महिलाओं को सशक्त बनाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
हावड़ा मंडल रेल प्रबंधक डॉ. विशाल कपूर और ईएमआरसी के महामंत्री स्वपन दत्ता ने इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन और संगठन मिलकर महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगी माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
चीफ पर्सनल ऑफिसर (एडमिनिस्ट्रेशन) ज्योत्सना पांडे कासुमाकर ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई।
मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. पौलामी बसु, साहित्यिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता दिशा चट्टोपाध्याय, टी. डी. सत्यबानी, डॉ. देबजानी मित्रा और प्रोफेसर मिनाक्षी अग्रवाल सहित अन्य वक्ताओं ने भी महिलाओं के अधिकारों, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
सेमिनार के अंत में सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने शपथ ली कि वे महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न, छेड़खानी या भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पीड़ित महिला के साथ खड़े रहेंगे और न्याय दिलाने में सहयोग करेंगे।
सेमिनार को सफल बनाने में ईएमआरसी के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक काँजीलाल, सभी केंद्रीय एवं शाखा पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन पियाली पाठक ने किया।
