विधानसभा

रांची, 11 अगस्त। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मंगलवार को सदन के भीतर और बाहर जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा छाया रहा। विपक्षी एनडीए विधायकों ने परीक्षाओं में  धांधली की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और सदन के वेल में पहुंच गए। विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के कारण विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजकर सात मिनट पर शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा विधायक अपनी सीटों से उठ गए। उन्होंने जेपीएससी-जेएसएससी मामले में सरकार से जवाब मांगते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते कई विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि विपक्षी विधायकों ने राज्य सरकार पर छात्रों पर लाठीचार्ज कराने का आरोप लगाया।

विपक्षी सदस्यों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने छात्रों पर जानबूझकर लाठियां बरसाईं। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जता रहे थे।

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने विपक्षी विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य छात्रों के हित की बात कर रहे हैं और सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देना चाहिए। अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष पर सदन का समय बर्बाद करने और राज्य में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मामलों की जांच राज्य अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) कर रहा है।

हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल की सभी सूचनाओं को पढ़ा हुआ मानते हुए उन्हें संबंधित विभागों को भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

प्रदीप यादव ने कहा कि सोमवार को छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया था और सरकार पूरे घटनाक्रम को सदन के सामने रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन भाजपा की ओर से भेजे गए कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। प्रशासन ने प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्रों को वापस भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की थी।