पलामू, 23 सितंबर । राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष जयशंकर ठाकुर की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत के मामले में पोस्टमार्टम प्रक्रिया जटिल हो गई है। मंगलवार को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) में मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि शव पर केमिकल से जलने के निशान हैं और अंदरूनी चोटें भी पाई गई हैं, ऐसे में पोस्टमार्टम रांची स्थित राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में कराने की अनुशंसा की गई।
गौरतलब है कि सोमवार को पाटन थाना क्षेत्र के उताकी गांव में जयशंकर ठाकुर का शव घर से कुछ दूरी पर खेत में मिला था। शव के कई हिस्से जले हुए थे। परिजन इसे हत्या करार दे रहे हैं।
पाटन पुलिस ने सोमवार को ही शव को पोस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच भेजा था, लेकिन मेडिकल बोर्ड गठित न होने से जांच नहीं हो सकी। मंगलवार को गठित मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद शव को रिम्स रेफर कर दिया।
इस बीच, थाना प्रभारी द्वारा मौत को वज्रपात से जोड़ने वाले बयान पर विवाद गहरा गया है। राजद नेताओं और नाई समाज के लोगों ने इसे हास्यास्पद और गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह गांव में आसमान पूरी तरह साफ था और वज्रपात की कोई घटना नहीं हुई। नेताओं का कहना है कि पुलिस को जांच पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि मनगढ़ंत बयान देने पर।
