कोलकाता, 26 अक्टूबर। उद्योगपति गौतम अडानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जोड़कर एक आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने के आरोप में अडानी समूह ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायाधीश आर्यक दत्त ने मामले को दर्ज करने की अनुमति दी और सोमवार को ही इसकी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि इस विवादित वीडियो को फिलहाल प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। हालांकि, अदालत का लिखित आदेश अभी तक नहीं आया है।
हाल ही में एक यूट्यूबर ने अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी को लेकर एक वीडियो बनाया था। आरोप है कि इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अडानी के बीच संबंधों और इसके जरिए कारोबारी सफलता की कड़ियों पर सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा, गुजरात के मुंद्रा में भूमि आवंटन और कोयला नीलामी के मामलों में अडानी समूह को फायदा पहुंचाए जाने जैसे गंभीर दावे भी वीडियो में किए गए हैं।
अदालत में अडानी समूह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी और अडानी के संबंधों, विभिन्न व्यावसायिक समझौतों और सरकारी नीतियों को लेकर ऐसी बातें कही गई हैं, जिससे उनकी कंपनी की व्यावसायिक साख को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इसी के आधार पर अडानी समूह ने मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने वीडियो के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग करने के साथ ही 50 करोड़ के मुआवजे का भी दावा किया है।
इस मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरोपित यूट्यूबर को हलफनामा दायर कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इसके जवाब में अडानी समूह भी अपना जवाबी हलफनामा अदालत में पेश कर सकेगा।
