श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा 01

अयोध्या, 6 जुलाई। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को हुई अपनी महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम निर्णय लिए। लगभग तीन घंटे तक चली ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय तथा ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही पूर्व भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना अत्यंत दुखद और लज्जाजनक है। उन्होंने बताया कि इस घटना से आहत होकर महासचिव चंपत राय ने कहा था कि जब तक इस मामले के अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती और उन्हें दंड नहीं मिल जाता, तब तक उनके लिए पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। ट्रस्ट के संविधान के अनुसार त्यागपत्र प्रस्तुत होते ही उसे स्वीकार करने का प्रावधान है, इसलिए उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य के. पाराशरन ने भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के संविधान में त्यागपत्र स्वीकार करने की प्रक्रिया निर्धारित है, जिसके अनुरूप कार्रवाई की गई। चंपत राय की अनुपस्थिति में ट्रस्ट ने पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया है।

नवनियुक्त कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना में शामिल आरोपियों को हर हाल में कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रबंधन एवं संचालन व्यवस्था में कहीं न कहीं कमियां रह गई थीं, जिनका कुछ लोगों ने लाभ उठाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो सके।

उन्होंने कहा कि इस घटना के कारण समाज में ट्रस्ट के प्रति अविश्वास का वातावरण बना है। ट्रस्ट की प्राथमिकता इस विश्वास को पुनः स्थापित करना होगी। दर्शनार्थियों द्वारा दान की जाने वाली प्रत्येक वस्तु तथा मंदिर से संबंधित सभी गतिविधियों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि केवल सत्यापित तथ्यों को ही प्रकाशित किया जाए तथा किसी भी सूचना के लिए ट्रस्ट के अधिकृत पदाधिकारियों से पुष्टि अवश्य की जाए।

कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी को लेकर कुछ लोगों द्वारा अनावश्यक भ्रम और झूठा प्रचार फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को कानून के अनुसार दंड मिलेगा और ट्रस्ट को न्यायपालिका तथा जांच एजेंसियों पर पूरा विश्वास है। यदि किसी को कोई शिकायत या शंका है तो वह सीधे ट्रस्ट कार्यालय आकर जानकारी प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर से अन्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक वस्तुओं की चोरी के लगाए जा रहे आरोप भी भ्रामक हैं। ट्रस्ट के पास रामायण, चरण पादुका सहित लगभग 2800 धार्मिक एवं ऐतिहासिक वस्तुओं का विधिवत पंजीकृत अभिलेख उपलब्ध है। इन वस्तुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है और आवश्यकता पड़ने पर उसका विवरण सार्वजनिक किया जा सकता है।

गोविंद देव गिरी ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना को आधार बनाकर देशभर में जिस प्रकार का माहौल बनाया जा रहा है, उसके पीछे कुछ लोगों की मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने रामभक्तों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम में न आएं और मंदिर तथा ट्रस्ट के प्रति अपना विश्वास बनाए रखें।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित की जाएगी। तब तक विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट भी प्राप्त होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि चोरी तो चोरी ही होती है और इस मामले में छिपे हुए सभी अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के अनुसार दंड दिलाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक को पूर्व निर्धारित तिथि से पहले बुलाया गया था। बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ सदस्य के. पाराशरन ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करते हुए ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।