राहुल गांधी

नई दिल्ली, 14 मार्च। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी  ने न्यूनतम समर्थन मूल्य  के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि किसानों से किया गया वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में किसानों से फसल की लागत सी2+50 प्रतिशत प्रतिशत लाभ जोड़कर कानूनी एमएसपी देने का वादा किया गया था, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया।

राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच X पर लोकसभा में पूछे गए अपने प्रश्न को साझा करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने पूछा कि क्या 2021 के किसान आंदोलन के दौरान सरकार ने सभी फसलों के लिए विधिक गारंटी वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने का आश्वासन दिया था। यदि ऐसा वादा किया गया था, तो अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि क्या देश में उत्पादन की कमी झेल रही कुछ दालों और तिलहन जैसी फसलों की सीधी खरीद पर विचार किया गया है और यदि किया गया है तो उसका विवरण क्या है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इन सवालों का स्पष्ट उत्तर देने से बच रही है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने किसानों से फसल की लागत पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ देने का वादा किया था, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्यों पर एमएसपी बोनस समाप्त करने का दबाव डाला और इसे ‘राष्ट्रीय प्राथमिकताओं’ के नाम पर उचित ठहराया।

राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें ‘गैर-टैरिफ बाधाओं’ को कम करने की बात कही गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसका अर्थ एमएसपी और सरकारी खरीद प्रणाली को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर भी स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार किसानों से किया वादा तो निभाना नहीं चाहती, अपने स्वार्थ के लिए वो भारतीय कृषि को कुर्बान करने को भी तैयार है। उन्होने कहा कि वह किसानों के अधिकार और एमएसपी की रक्षा के लिए संसद के भीतर और बाहर आवाज़ उठाते रहेंगे।