मालदह, 15 फ़रवरी । पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मालदा जिले में सियासी विवाद तेज हो गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव से पहले बिहार से बड़ी संख्या में बाइकें मंगा रही है, जिसके पीछे कथित साजिश है। तृणमूल का दावा है कि इन बाइकों के जरिए चुनाव के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।
रविवार सुबह मालदह जिला भाजपा कार्यालय के सामने बिहार नंबर प्लेट वाली कई बाइकें खड़ी दिखाई दीं। इसे लेकर तृणमूल ने सवाल उठाते हुए कहा कि वोट से पहले दूसरे राज्य से बाइक ‘आयात’ करना संदेहजनक है।
मालदह जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष रहिम बक्शी ने आरोप लगाया कि चुनाव में अव्यवस्था पैदा करने के इरादे से बिहार से सात-आठ लॉरी बाइकें लाई जा रही हैं।
वहीं, तृणमूल के जिला प्रवक्ता शुभमय बोस ने कहा कि पूरे मामले को जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है और भाजपा जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।
इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा नेतृत्व ने तृणमूल के दावों को “बेबुनियाद और काल्पनिक” करार दिया है। मालदह भाजपा के सांगठनिक जिलाध्यक्ष अजय गांगुली ने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की आवाजाही और प्रचार के लिए इन बाइकों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नई बात नहीं है और पिछले चुनावों में भी ऐसा किया गया था।
भाजपा का दावा है कि इस बार कुल 14 बाइकें आई हैं, जिनके सभी कागजात वैध हैं। अजय गांगुली ने कहा कि बिहार में चुनाव खत्म हो चुके हैं। अब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हैं। कार्यकर्ताओं को बूथों तक पहुंचने और निगरानी रखने के लिए इन बाइकों की जरूरत होती है। ये पहले सिलीगुड़ी आईं, फिर मालदह पहुंचीं और आगे कोलकाता समेत अन्य जिलों में भी भेजी जाएंगी। बंगाल में चुनाव समाप्त होने के बाद इन्हें अन्य स्थानों पर भेज दिया जाएगा।
इस मुद्दे पर मालदह में राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। जहां तृणमूल इसे चुनाव से पहले साजिश करार दे रही है, वहीं भाजपा इसे सांगठनिक तैयारी बताते हुए किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार कर रही है।
