अलीपुरद्वार, 28 जुलाई। जिले के फालाकाटा में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के चार लेन विस्तार कार्य के दौरान एक बड़ी समस्या सामने आई है। आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी के बुलडोजर की टक्कर से जनस्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचई) की शुद्ध पेयजल पाइपलाइन फट गई। इसके चलते पिछले शनिवार से शिशागोड़ और बालुरघाट के बीच के इलाके सहित तीन गांवों में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शिशागोड़, कालीपुर और पारपतलाखावा गांवों में रविवार से पूरी तरह से पीएचई की जल आपूर्ति बंद है। एक ओर भीषण गर्मी, दूसरी ओर पानी की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। लोग मजबूर होकर महंगे दामों पर पानी खरीद रहे हैं, जबकि कुछ लोग हैंडपंप का पानी उबालकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
मंगलवार को ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पिछले तीन दिनों से टूटी पाइपलाइन से लगातार शुद्ध पानी बहकर सड़कों पर जमा हो रहा है। तीन गांवों में शुद्ध पेयजल की किल्लत बढ़ती जा रही है। भीषण गर्मी में लोग परेशान है। दूसरी और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कृत्रिम जलभराव की स्थिति बन गई है। इसके बावजूद न तो पानी की बर्बादी रोकने और न ही पाइप की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है।
इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और चार लेन परियोजना के लिए पुरानी पाइपलाइन को पहले ही हटाया जाना था। ऐसे में काम के दौरान पाइपलाइन टूटने की स्थिति में इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी पूरी तरह पीएचई विभाग की है।
वहीं, जनस्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत कर जल आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
