समर्पण ट्रस्‍ट

शब्दों में राष्ट्रभक्ति की हुंकार, भावनाओं में भारत का स्पंदन

कोलकाता 17 अगस्‍त। आजादी की पूर्व संध्या पर समर्पण ट्रस्ट की ओर से आयोजित राष्ट्रप्रेम और भक्ति से सराबोर काव्य-संध्या ‘तीन स्वर, एक भारत’ ने कोलकाता की सांस्कृतिक धरती को भावनाओं, ओज और देशभक्ति से भर दिया। ट्रस्ट के इस नियमित आयोजन का यह दूसरा संस्करण था।

कवियों तथा अतिथियों का स्वागत करते हुए ट्रस्ट के सभापति दिनेश बजाज ने कहा कि ‘तीन स्वर, एक भारत’ के प्रथम संस्करण में कवि पंडित योगेंद्र शर्मा और राष्ट्रपुत्री समीक्षा सिंह ने यह विश्वास व्यक्त किया था कि वह दिन दूर नहीं, जब बंगाल में सनातन का सूर्योदय होगा। उन्होंने कहा कि आज उन्हें लगता है कि वह विश्वास साकार हुआ है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा पिछले लगभग तीन महीनों में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे बदलाव की कल्पना पूर्ववर्ती शासन में करना कठिन था।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा, पश्चिम बंगाल की महासचिव शशि अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता सत्ता परिवर्तन के लिए बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता परिवर्तन नहीं होता तो बंगाल में हिंदुओं की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं बनी रहतीं। अपने उद्गार व्यक्त करते हुए वे भावुक हो उठीं और उनकी आंखें छलछला गईं।

समर्पण ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष निरंजन अग्रवाल ने ट्रस्ट की विविध गतिविधियों की जानकारी दीं !

समारोह के उद्घाटनकर्ता कलकत्ता हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष रे ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समर्पण ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों की सराहना की। वहीं कोलकाता सीनियर सिटीजन्स फोरम के अध्यक्ष पुरुषोत्तम अग्रवाल ने स्वतंत्रता के अर्थ और उसके संघर्ष को रेखांकित करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

इस अवसर पर वयोवृद्ध शिक्षाविद् एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिंद फौज से संबद्ध परिवार के सदस्य प्रो. शंकरनाथ मुखर्जी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह की भावनात्मक ऊंचाई का विशेष क्षण रहा।

काव्य-संध्या में कविताएं केवल शब्द नहीं रहीं, बल्कि कभी रणभेरी बनीं, कभी आंखों की नमी और कभी मातृभूमि के प्रति समर्पण का स्वर। योगेंद्र शर्मा की कविताओं को श्रोताओं ने खूब सराहा। कैप्टन मनोज पांडे की शहादत को समर्पित उनकी कविता ने सभागार में मौजूद सभी श्रोताओं को भावुक कर दिया। रुद्र प्रताप रुद्र ने बांग्लादेश में हुए नरसंहार पर कविता के माध्यम से संवेदनाओं को झकझोरा, वहीं 12 ज्योतिर्लिंगों को केंद्र में रखकर शिव और राम पर प्रस्तुत उनकी रचना ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया और काफी देर तक ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष गूंजते रहे। अंत में राष्ट्रपुत्री समीक्षा सिंह की कविता ‘भाड़ में गया भाईचारा… मैं तो केवल सत्य लिखूंगी’ ने श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन ट्रस्ट के सलाहकार डा. जयप्रकाश मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्ट के महासचिव प्रदीप ढेडिया ने किया।

कार्यक्रम के गोल्ड पार्टनर कोलकाता सीनियर सिटीजन्स फोरम, आईएफएल एवं गैमको रहे, जबकि मीडिया पार्टनर दैनिक विश्वमित्र था। कार्यक्रम का प्रबंधन आनंद इवेंट्स ने किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट रामानंद रुस्तगी, अक्षय विंजराजका, दुर्गा व्यास, अमन ढेडिया, रतनलाल अग्रवाल,पी एल साहा, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप शुक्ला,जगजीत सिंह, सुधा अग्रवाल, प्रीति ढेडिया, काशी खंडेलवाल, विनोद अग्रवाल,संजय जैन, अमन  ढेडिया,  अरुण खेतान, एस के तुलस्यान, रावेल पुष्प, शैलजा ढेडिया, कोलकाता सिटीजन फोरम के गोपाल केडिया, लक्ष्मीकांत सिंहानिया, शंकर पोद्दार और सुनील शाह की गणमान्य उपस्थिति रहीं।