dsq

कोलकाता/ कूचबिहार, 10 मई । कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में शनिवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर बंगाल से एकमात्र मंत्री के रूप में निशीथ प्रामाणिक ने शपथ ली, जिसके बाद क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

चुनाव परिणाम के बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष को पूर्ण मंत्री बनाया जाएगा। सोशल मीडिया पर वायरल कई सूची में उनका नाम भी शामिल था। लेकिन सभी कयासों को दरकिनार करते हुए भाजपा नेतृत्व ने पहले चरण में निशीथ प्रामाणिक को प्राथमिकता दी।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस फैसले के पीछे उत्तर बंगाल की जातीय और सामाजिक समीकरण बड़ी वजह है। राजबंशी समुदाय इस क्षेत्र की राजनीति में एक अहम भूमिका निभाता है और निशीथ प्रामाणिक इस समुदाय का मजबूत चेहरा माने जाते हैं।

प्रशासनिक अनुभव भी उनके पक्ष में गया। वे पहले केंद्र सरकार में गृह और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री रह चुके हैं, जिससे उन्हें शासन और प्रशासन का अच्छा अनुभव है।

वहीं, शंकर घोष भले ही लोकप्रिय विधायक हों, लेकिन मंत्री पद का अनुभव नहीं है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ करीबी संबंध भी निशीथ प्रामाणिक को आगे रखने में अहम माने जा रहे हैं।

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में संगठनात्मक मजबूती, आक्रामक नेतृत्व और वोटबैंक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि भविष्य में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान शंकर घोष को मौका मिलेगा।