बाल श्रम मुक्त झारखंड अभियान

खूंटी, 20 मई । बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के शिक्षा के अधिकार को दिलाने के उद्देश्य से कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड लेबर (सीएसीएल) झारखंड और लोक स्वर संस्था के संयुक्त सहयोग से 44 दिवसीय राष्ट्रीय बाल श्रम मुक्त झारखंड अभियान की शुरुआत की गई।

बुधवार को शुरू हुए अभियान का मुख्य नारा श्रम नहीं, शिक्षा चाहिए रखा गया है। खूंटी के कालामाटी गांव स्थित विद्यालय में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें विद्यालय के कक्षा 8 वीं, 9 वीं और 10 वीं के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाल श्रम के दुष्प्रभाव, विद्यालय छोड़ने (ड्रॉपआउट) की समस्या और शिक्षा में बाधा आने से भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के बचपन, शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके अधिकारों का हनन करता है। हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का अधिकार है।

लोक स्वर संस्था की सचिव शालिनी संवेदना ने कहा कि समाज, विद्यालय और अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा मजदूरी करने को विवश न हो और हर बच्चा शिक्षा से जुड़ा रहे। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।

परियोजना समन्वयक गुंजन बेदिआ ने कहा कि बाल श्रम केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों और अधिकारों को छीनने वाली गंभीर चुनौती है। जब कोई बच्चा मजदूरी करता है, तब उसका बचपन, शिक्षा और बेहतर भविष्य उससे दूर हो जाता है।

इस अवसर पर संस्था की फील्ड कार्यकर्ता सनेचरीया सांगा, सुमन कुमारी, कालामाटी विद्यालय के प्राचार्य और अन्य शिक्षक उपस्थित थे।