कोलकाता, 22 नवम्बर । पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को नादिया के जिला मजिस्ट्रेट से एक महिला बूथ स्तर अधिकारी की मौत पर तत्काल रिपोर्ट मांगी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सीईओ कार्यालय ने नादिया के डीएम अनीश दासगुप्ता को तुरंत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
सूत्रों ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने भी नादिया के जिला मजिस्ट्रेट से फोन पर बातचीत कर घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जलपाईगुड़ी जिले में बुधवार को हुई एक अन्य बीएलओ की मौत पर अभी तक वहां के जिलाधिकारी की रिपोर्ट नहीं मिली है। आयोग ने जिलाधिकारियों द्वारा रिपोर्ट भेजने में हो रही देरी पर असंतोष जताया है।
शनिवार को नादिया जिले के कृष्णनगर के षष्टीतला क्षेत्र में एक महिला बीएलओ का फंदे से झूलता शव मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई। मृतका की पहचान रिंकू तरफदार (51) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराया है और स्पष्ट लिखा है कि परिवार का कोई सदस्य इसके लिए दोषी नहीं है।
सुसाइड नोट में रिंकू ने लिखा, निर्वाचन आयोग मेरी तकदीर के लिए जिम्मेदार है। मैं किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करती, एक साधारण इंसान हूं, लेकिन अमानवीय काम के इस दबाव को सहन नहीं कर पा रही हूं। मैं पार्ट टाइम शिक्षिका हूं। मेहनत की तुलना में वेतन बहुत कम है, फिर भी मुझे नहीं बख्शा गया।
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आयोग पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एसआईआर के दबाव में एक और निर्दोष की जान गई। षष्टीतला की बीएलओ रिंकू तरफदार अमानवीय प्रशासनिक दबाव, अव्यावहारिक समय-सीमा और छोटी गलती पर सजा के डर से मानसिक रूप से टूट चुकी थीं और मजबूरी में उन्हें आत्महत्या का रास्ता चुनना पड़ा।
बुधवार को जलपाईगुड़ी के माल बाज़ार क्षेत्र में शांति मुनी एक्का नामक महिला बीएलओ ने कथित कार्यदबाव के कारण आत्महत्या कर ली थी। परिवार का दावा है कि एसआईआर के दबाव की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आयोग की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि आयोग द्वारा एसआईआर शुरू किए जाने के बाद से राज्य में अब तक लगभग 28 लोगों की मौत हो चुकी है और जीवन बचाने के लिए इस अव्यवस्थित अभियान को तुरंत रोका जाना चाहिए।
शुक्रवार को राज्य सरकार ने जलपाईगुड़ी की बीएलओ शांति मुनी एक्का के परिवार को दो लाख रुपये और हुगली की बीएलओ तपति विश्वास के परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। वहीं, कूचबिहार के बाराधाम छत्राग्राम क्षेत्र के निवासी ललित अधिकारी, जिनकी गुरुवार को सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी, के परिवार को भी दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। जिला अधिकारियों ने उक्त अनुग्रह राशि पीड़ित परिवारों को सौंप दी है।
