गिरिडीह, 11 अप्रैल। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शनिवार को जिले के राजधनवार में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनरेगा के कनीय अभियंता (जेई) अंकुश कुमार को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद धनवार बाजार क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मामले की शुरुआत धनवार प्रखंड के महेश साहू द्वारा की गई शिकायत से हुई। उन्होंने एसीबी को बताया कि डोभा निर्माण योजना के तहत बकाया राशि के भुगतान के लिए संबंधित जेई द्वारा पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत लाभुक को तय स्थान पर भेजा गया। जैसे ही रिश्वत की राशि जेई को सौंपी गई, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ स्थानीय लोगों ने एसीबी टीम से पहचान पत्र दिखाने की मांग करते हुए विरोध किया और हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने बचने की कोशिश भी की और कुछ समय के लिए जमीन पर लेट गया, लेकिन टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे हिरासत में ले लिया।
घटना के बाद कुछ लोगों ने इस कार्रवाई को साजिश बताते हुए दावा किया कि आरोपी को जबरन फंसाया गया है। हालांकि एसीबी अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई विधिसम्मत तरीके से की गई है और साक्ष्य के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
फिलहाल, आरोपी को धनबाद ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
