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सिलीगुड़ी, 29 जनवरी । सिलीगुड़ी में कुख्यात केजीएफ गैंग को लेकर चल रहे विवाद में अब मेयर गौतम देव का नाम भी जुड़ गया है। 26 तारीख को मेयर ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उनके साथ

केजीएफ गैंग के कई सदस्य चलते हुए नजर आते हैं। इनमें से एक सदस्य सेवक रोड के रामकृष्ण मिशन कांड का प्रमुख आरोपित भी बताया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही शहर में राजनीतिक हलचल शुरू हो गई।

वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि क्या यह गैंग के प्रति मेयर की नजदीकी या समर्थन का संकेत है। विवाद बढ़ते ही मेयर गौतम देव असहज स्थिति में आ गए और बुधवार देर शाम को उन्होंने आनन-फानन में वीडियो डिलीट कर दिया। इस पूरे मामले पर मेयर ने सफाई देते हुए कहा,-

“मैं उन लोगों को नहीं जानता। वे वहां कैसे आए, इस बारे में वार्ड कमेटी से बात करूंगा। सेवक रोड की घटना को लेकर मैंने पहले ही पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई करने को कहा है।”

इधर, मेयर के पोस्ट को लेकर विपक्षी दलों ने सियासी हमला तेज कर दिया है। सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष ने कहा, मैं पहले से ही कहता आ रहा हूं कि शहर और आसपास के इलाकों में गैंग कल्चर को बढ़ावा खुद मेयर दे रहे हैं। उनके लंबे राजनीतिक जीवन में गैंग कल्चर को किस तरह प्राथमिकता दी गई है, यह अब जनता तय करे।

वहीं, सिलीगुड़ी नगर निगम में सीपीएम के पार्षदीय दल नेता शरदिंदु चक्रवर्ती ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, रामकृष्ण मिशन के संन्यासियों को उठाकर ले जाने की घटना को लेकर मैंने बोर्ड मीटिंग में आवाज उठाई थी। उसी मामले का मुख्य आरोपित आज मेयर के सोशल मीडिया वीडियो में नजर आ रहा है। इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है? पूरे राज्य में इस तरह के जमीन माफिया और गैंग शासक दल के संरक्षण में फल-फूल रहे है।

बताया जा रहा है कि जेल से रिहा होने के बाद केजीएफ गैंग नए तरीके से शहर में दहशत फैला रहा है। पहले भी यह आरोप लग चुके हैं कि इस गैंग के सिर पर शहर के कई नेता-नेत्रियों का हाथ है। अब तस्वीरें और वीडियो सामने आने से विवाद और गहरा गया है। इस पूरे मामले ने सिलीगुड़ी की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और केजीएफ गैंग को लेकर विवाद और गहराने के आसार हैं।