कोलकाता, 13 अगस्त । पश्चिम बंगाल में पाकिस्तानी नागरिक और उसके सहयोगी की गिरफ्तारी के एक दिन बाद राज्य पुलिस की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने जांच तेज कर दी है। जांचकर्ताओं के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि आरोपितों के पास भारतीय सेना की पूर्वी कमान के मुख्यालय फोर्ट विलियम का नक्शा और तस्वीरें कहां से आईं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने मंगलवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा इलाके से राणा रऊफ खालिद उर्फ वहाब आलम और उसके सहयोगी मोहम्मद इजाज को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के मुताबिक दोनों जेसोर रोड के रास्ते बांग्लादेश सीमा की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे।
एक वरिष्ठ एसटीएफ अधिकारी ने बताया कि फोर्ट विलियम से संबंधित नक्शे और तस्वीरों की बरामदगी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये सामग्री आरोपितों तक कैसे पहुंची और क्या इसका संबंध किसी तरह की सूचना जुटाने की गतिविधि से था।
अधिकारी के अनुसार, आरोपितों के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। फोन से पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश से जुड़े सोशल मीडिया की बातचीत और कई फोन नंबर मिले हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ बातचीत और फोन नंबर हटाए गए थे।
एसटीएफ अधिकारी ने बताया कि हटाई गई बातचीत और नंबरों की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं का प्रयास है कि आरोपितों के संपर्कों, उनके बीच हुई बातचीत की प्रकृति और इन माध्यमों से किसी तरह की सूचना साझा किए जाने की स्थिति का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे या नहीं। विशेष रूप से इस बात की जांच की जा रही है कि भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी कोई जानकारी देश के बाहर भेजी गई हैं या नहीं।
अधिकारियों को रऊफ के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने का संदेह है। जांचकर्ता भारत में उसकी गतिविधियों, संपर्कों और आवाजाही के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।
