onkar logo1

दक्षिणेश्वर–कामारपुकुर–जयरामबाटी के विकास कार्यों का उल्लेख

कोलकाता, 19 फ़रवरी ।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर युगावतार श्रीश्रीरामकृष्ण परमहंस देव की जन्मतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक प्रणाम अर्पित किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की भूमि उनके आविर्भाव से धन्य हुई है और उनकी अमृतवाणी व सर्वधर्म समन्वय का आदर्श आज भी समाज के लिए आलोकस्तंभ है।

मुख्यमंत्री ने ‘जितने मत, उतने पथ’ के शाश्वत संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा” — इस शिक्षा को उन्होंने जीवन भर अपनाया है और आगे भी इसी प्रेरणा के साथ जनसेवा करती रहेंगी।

पोस्ट में ममता बनर्जी ने बताया कि श्रीरामकृष्ण परमहंस से जुड़े तीर्थस्थलों के विकास के लिए राज्य सरकार ने व्यापक कार्य किए हैं। दक्षिणेश्वर काली मंदिर परिसर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक और पर्यटन स्थल बनाने के लिए ‘रानी रासमणि स्काईवॉक’, मंदिर परिसर की आकर्षक प्रकाश-सज्जा, सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार और नया जेटी बनाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन को काली मंदिर की तर्ज पर सजाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरामकृष्ण की जन्मभूमि कामारपुकुर और मां शारदा की जन्मभूमि जयरामबाटी के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए ‘जयरामबाटी–कामारपुकुर डेवलपमेंट बोर्ड’ का गठन किया गया और अब तक बोर्ड को 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इन पवित्र तीर्थ क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे के विकास में पहले ही लगभग 80 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से सड़क संपर्क बेहतर किया गया है और 5.87 करोड़ रुपये से पर्यटन अवसंरचना विकसित की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए कामारपुकुर ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन और ग्रामीण अस्पताल में विशेष हेल्थ यूनिट की स्थापना की गई है। यात्रियों व पर्यटकों की सुविधा के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बस स्टैंड और एक इको-टूरिज्म पार्क भी बनाया गया है।

इसके अलावा, कामारपुकुर मिशन में हॉस्टल भवन निर्माण तथा जयरामबाटी के मातृमंदिर के जीर्णोद्धार की पहल की गई है। रामकृष्ण मठ एवं मिशन के अनुरोध पर भक्तों की सुविधा के लिए पांच मंजिला गेस्ट हाउस और प्रसाद वितरण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, बड़े क्षेत्र में ओपन पार्किंग जोन विकसित किया जा रहा है, जिस पर सरकार लगभग 5.77 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कामारपुकुर स्थित रामकृष्ण मठ एवं मिशन परिसर में पेयजल समस्या के समाधान के लिए पहले ही पाइपलाइन और नलकूप लगाए गए थे। अब व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नया गहरा नलकूप और पंप हाउस का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।

ममता बनर्जी ने अपने संदेश में कहा कि राज्य सरकार श्रीरामकृष्ण परमहंस और मां शारदा से जुड़े इन पवित्र स्थलों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।