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पश्चिम बर्दवान, 24 जुलाई।

पश्चिम बर्दवान और झारखंड सीमा पर स्थित रामपुर चेकपोस्ट पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में राज्य परिवहन विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। वाहनों को रोककर अवैध रूप से पैसे वसूलने के आरोप में चेकपोस्ट पर तैनात दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई-एनटी) अनुपम बंद्योपाध्याय और नाजिमुल हक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए पूरे मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को सौंप दी गई है।

राज्य परिवहन विभाग के प्रधान सचिव रवि इंदर सिंह द्वारा 23 जुलाई को जारी अलग-अलग आदेशों में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ ड्यूटी के दौरान अवैध आर्थिक लाभ लेने और रिश्वत मांगने की गंभीर शिकायतें मिली थीं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारियों को निलंबित रखने का निर्णय लिया गया है।

आदेश के अनुसार, पश्चिम बंगाल सर्विस (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स, 1971 के तहत यह निलंबन प्रभावी रहेगा। निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों को नियमानुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस (जीवन-निर्वाह भत्ता) मिलेगा।

मामले पर शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। रामपुर चेकपोस्ट पर सामने आए मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

रामपुर चेकपोस्ट लंबे समय से ट्रक चालकों और परिवहन कारोबारियों की शिकायतों के केंद्र में रहा है। ट्रांसपोर्टरों का आरोप था कि दस्तावेजों की जांच और वाहनों को आगे जाने की अनुमति देने के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग की जाती थी। हालांकि, अब तक इस संबंध में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। दो अधिकारियों के निलंबन के बाद एक बार फिर चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।

परिवहन विभाग ने चेकपोस्ट पर कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए नए मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। वहीं एंटी करप्शन ब्यूरो को मामले की विस्तृत जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

एक साथ दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों के निलंबन से परिवहन विभाग, ट्रक मालिक संगठनों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद राज्य के अन्य चेकपोस्टों पर भी निगरानी और जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।