कोलकाता, 02 नवंबर । दुर्गा पूजा के पास बेचने के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में कोलकाता पुलिस ने राज्य के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की बेटी को पूछताछ के लिए लालबाजार तलब किया है।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस घोटाले में पूर्व मंत्री की बेटी भी शामिल हो सकती है, क्योंकि पुलिस की नजर उनके बैंक खातों पर थी और वहां संदिग्ध लेनदेन के सुराग मिले हैं। सोमवार को उन्हें पुलिस मुख्यालय लालबाजार में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है, जहां जांच अधिकारी उनसे इन वित्तीय लेनदेन के स्रोतों के बारे में पूछताछ करेंगे।
भ्रष्टाचार के इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। इसी मामले में दर्ज एफआईआर में उनकी पत्नी मधुछंदा सेन का नाम भी शामिल है, हालांकि उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत हासिल कर ली है। अदालत ने इंद्रनील की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी। जांच एजेंसियों के रडार पर अब पूरे परिवार के बैंक खाते हैं और इसी कड़ी में बेटी को समन भेजा गया है।
यह पूरा विवाद दुर्गा पूजा के पास बेचने और ‘प्रीव्यू शो’ के आयोजन में हुई व्यापक अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि इंद्रनील और उनके परिवार ने ‘मास आर्ट’ नामक एक संस्था के माध्यम से करोड़ों रुपये की अवैध उगाही की। मधुछंदा सेन इस संस्था की पदाधिकारी थीं। वर्ष 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को की मान्यता मिलने के बाद इस संस्था का गठन किया गया था। आरोप है कि पास बेचने और प्रचार के लिए संस्था ने गैरकानूनी तरीके से यूनेस्को के नाम का इस्तेमाल किया और लोगों से दावा किया कि उन्हें यूनेस्को की सीधी मंजूरी प्राप्त है, जबकि वास्तव में यूनेस्को ने ऐसा कोई वाणिज्यिक समझौता नहीं किया था।
इस मामले में बउबाजार थाने में जयदीप मुखर्जी नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस मामले में वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की गहन जांच कर रहा है। ईडी ने पूर्व मंत्री से कई बार पूछताछ की है। बीते 28 अक्टूबर को सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के बाद बाहर निकलते ही पुलिस ने इंद्रनील को गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले जांच एजेंसियों ने उनके कसबा स्थित आवास और सिंगूर के बगानबाड़ी सहित कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान भी चलाया था। चंदननगर के पूर्व विधायक इंद्रनील ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन सुनवाई से पहले ही गिरफ्तारी होने के कारण उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली थी। शीर्ष अदालत ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने का सख्त निर्देश दिया है।
