पूर्वी सिंहभूम, 01 सितंबर। पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले से होकर बहने वाली सुवर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर निरंतर बढता जा रहा है। फ्लड सेल की रिपोर्ट के अनुसार खरकई नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है और सुवर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है।
फ्लड सेल, जमशेदपुर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खरकई नदी का जलस्तर 131.070 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर निर्धारित है। इस हिसाब से खरकई नदी खतरे के निशान से 2.07 मीटर ऊपर बह रही है। रिपोर्ट में नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का रुख दर्ज किया गया है।इस दौरान क्षेत्र में 27.02 मिलीमीटर बारिश भी रिकॉर्ड की गई है।
वहीं मानगो ब्रिज साइट पर सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 121.340 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है। यानी सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से महज 0.160 मीटर नीचे है और इसका जलस्तर भी बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में सुबह छह बजे तक 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखने की अपील की गई है। प्रशासन और फ्लड सेल की ओर से नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार मानगो में सुवर्णरेखा नदी और आदित्यपुर में खरकई नदी के जलस्तर से संबंधित आंकड़े सीडब्ल्यूसी एनसी गेज स्टेशन, जमशेदपुर से प्राप्त किए गए हैं।

बागबेड़ा में बाढ़ का पानी 30 घरों में घुसा
लगातार मूसलाधार बारिश के बीच बागबेड़ा में बाढ़ का पानी करीब 30 घरों में घुस गया है। भाजपा नेता सुबोध झा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बागबेड़ा क्षेत्र में स्थिति बिगड़ती जा रही है। कई घरों में पानी प्रवेश कर जाने से लोगों को अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन से तत्काल राहत और जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।
बागबेड़ा सहित अन्य निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बच्चों को विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर नहीं जाने देने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
