खूंटी, 29 अप्रैल । स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा हजारीबाग में पत्रकारों पर किए गए हमले और पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के विरोध में पत्रकारों ने बुधवार को एकजुट होकर प्रतिरोध दर्ज किया। इस दौरान पत्रकारों ने काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताया और समाहरणालय परिसर के पास एकत्रित होकर घटना की घोर निंदा की।
पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह के हमले अत्यंत चिंताजनक है और इसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए प्रशासन को सख्त और ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई। पत्रकारों की इस एकजुटता ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए संगठित हैं और किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।
इस विरोध कार्यक्रम में खूंटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रंजीत प्रसाद, अनिल मिश्रा, कुमार सौरभ, चंद्रशेखर चौधरी, राजकुमार गुप्ता, प्रेमानंद तिवारी, चंदन कुमार, राहुल मिश्रा, सोनू अंसारी, अजय शर्मा, ब्रजेश कुमार, मधुसूदन जायसवाल, सुनील सोनी, अरविंद कुमार, शाहिद अंसारी, नवनीत रंजन सहित कई पत्रकार उपस्थित थेे।
इधर, कर्रा प्रखंड के पत्रकारों ने भी हजारीबाग में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना पर रोष व्यक्त करते हुए प्रेस की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग उठाई। पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार चौथा स्तंभ हैं और जनता की आवाज को उठाना उनका दायित्व है। ऐसे में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा निंदनीय है।
पत्रकारों ने घटना में शामिल आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। मौके पर पत्रकार सगीर अहमद, नवीन कुमार, दुर्गा बड़ाइक और अशोक कुमार शर्मा मौजूद थे।
पत्रकारों से मारपीट लोकतंत्र पर हमला : डॉ नीरा
कोडरमा । कोडरमा विधायक डा नीरा यादव ने हजारीबाग में पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग दोहराई है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था ध्वस्त है।स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का व्यवहार दर्शाता है कि सत्ता का अहंकार किस हद तक बढ़ चुका है।
विधायक ने कहा कि महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बयान देना और उसके बाद सच दिखाने वाले या सवाल करने वाले पत्रकारों पर हमले कराना बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि उनके कारण पत्रकारों की दुकानदारी चलती है, यह पूरे मीडिया जगत और पत्रकारों का अपमान है। नीरा यादव ने कहा कि हजारीबाग की घटना सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा।
उन्होंने कहा कि क्या अब झारखंड में सच बोलना भी अपराध है। उन्होंने कहा कि यदि मामले में दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी नहीं होती है, तो यह माना जाएगा कि हमला सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर हुआ है। सरकार की चुप्पी इस पूरे मामले में उसकी संलिप्तता को और मजबूत करती है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए साथ ही सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये।
