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गिरिडीह, 2 अगस्त। श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर जाने वाले लाखों कांवरियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए झारखंड में व्यापक तैयारियां की गई हैं। गिरिडीह पुलिस जहां यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है, वहीं श्रद्धालुओं की सेवा के लिए निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर शुरू किया गया है। दूसरी ओर जमशेदपुर से 251 श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क कांवर यात्रा को रवाना किया गया।

एसपी डॉ. विमल कुमार ने किया रात्रि निरीक्षण

शनिवार रात गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने डुमरी के एसडीपीओ आबिद खान के साथ निमियाघाट से बेंगाबाद थाना क्षेत्र तक कांवर यात्रा मार्ग का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

एसपी ने यात्रा मार्ग पर लगातार पुलिस गश्त, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि निमियाघाट से बेंगाबाद तक सभी थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालु तत्काल पुलिस से संपर्क कर सकें।

निरीक्षण के दौरान सड़क व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। गिरिडीह पुलिस ने श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

गिरिडीह पुलिस का निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गिरिडीह पुलिस ने पपरवाटांड़ स्थित पुलिस लाइन गेट के समीप निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर की शुरुआत की। शिविर का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने किया। इस अवसर पर सदर एसडीपीओ जितवाहन उरांव सहित कई थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

एसपी ने बताया कि शिविर में कांवरियों के लिए निःशुल्क शुद्ध पेयजल, बैठने और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिसकर्मी हरसंभव सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसेवा और मानवीय दायित्वों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रही है।

शिविर का लाभ उठा रहे श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान पेयजल और विश्राम की व्यवस्था उन्हें बड़ी राहत दे रही है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल को पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण बताया।